प्रयागराज : यौन शोषण के गंभीर आरोपों और गिरफ्तारी की तलवार लटकने के बीच ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अब कानूनी राहत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी याचिका में एफआईआर रद्द करने और गिरफ्तारी से बचने के लिए जमानत अर्जी दाखिल कर सकते हैं. तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था. 2 कथित नाबालिग पीड़ितों की ओर से एफआईआर दर्ज करने के लिए झूंसी थाने में तहरीर दी थी.
बीएनएस की 7 अलग अलग गंभीर धाराओं में FIR
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के खिलाफ प्रयागराज के झूंसी थाने में यौन उत्पीड़न के आरोप में बीएनएस की 7 अलग अलग गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के साथ अब मामले की जांच में भी जुट गई है. विवेचक सब इंस्पेक्टर ने विवेचना से पहले झूंसी थाने से एफआईआर कॉपी कलेक्ट किया है. जल्द ही पीड़ितों का मेडिकल कराने की भी तैयारी है, मेडिकल के बाद घटनाक्रम को लेकर जांच भी तेज हो जाएगी.
अविमुक्तेश्वरानंद पर क्या है आरोप?
शिकायकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने महाकुंभ 2025 और माघ मेला 2026 के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद पर नाबालिग बच्चों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. शिकायतकर्ता के मुताबिक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में ही रहने वाले दो बच्चों ने उनके माघ मेले के शिविर में आकर पूरी घटना बताई है. आशुतोष ब्रह्मचारी के मुताबिक पीड़ितों ने उनसे मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद उन्होंने झूंसी थाने में शिकायत दी थी, लेकिन थाने में एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो कोर्ट में बीएनएस की धारा 173(4) के तहत कोर्ट में अर्जी दाखिल की, जिस पर सुनवाई के बाद शनिवार को एडीजे पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए. कोर्ट के आदेश के कुछ ही घंटे बाद झूंसी थाने में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद व अन्य के खिलाफ बीएनएस की 7 अलग अलग गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
अब आगे क्या होगा?
यदि हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल होती है, तो अदालत द्वारा आरोपों की गंभीरता और पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर फैसला लिया जाएगा. पुलिस पीड़िता के बयान और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों (यदि कोई हो) के आधार पर अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाएगी
वाराणसी जा सकती है झूंसी पुलिस
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है. पुलिस ने रविवार को ही घटना स्थल का निरीक्षण किया और नजरी नक्शा तैयार किया है. आगे की जांच और पूछताछ के लिए पुलिस जल्द वाराणसी भी जा सकती है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदा नंद से पूछताछ करेगी. सूत्रों के हवाले से खबर है कि गिरफ्तारी भी हो सकती है.
