समाज में अब भी कई चीजों को एक्सेप्ट नहीं किया गया. कई ऐसी चीजें है, जिसे करना समाज के विरूद्ध कार्य करना माना जाता है. लिव इन भी इन्हीं में से एक है. लोग अभी भी लिव इन में रह रहे लोगों को समाज के विरूद्ध कर रहे कामों में गिनते हैं. ऐसे में तमिलनाडु के तिरुवन्नालमाई जिले से एक घटना सामने आ रही है, जो कि समाज पर कई सवाल खड़ी करती हैं. दरअसल, यहां चेंगम के पास पक्किरिपालयम गांव में स्थित एक झोपड़ी में रह रहें लिव इन पार्टनर को जिंदा जला दिया गया है. इस घटना को रात के अंधेरे में अंजाम दिया गया.
3 साल से दे रहे थे एक दूसरे को सहारा
मृत लिव इन पार्टनर की पहचान शक्तिवेल और अमृतम के रुप में की गई है. शक्तिवेल 53 साल का एक मामूली किसान था. तो वहीं, अमृतम 40 साल की थी. शक्तिवेल के 2 बेटे और 1 बेटी थी और वह अपनी पत्नी से कई सालों पहले अलग हो चुका था. अमृतम अपने पति से अलग होकर रह रही थी और उनके 3 बच्चे थे. दोनों गांव से दूर एक खेत में झोपड़ी बनाकर रह रहे थे. वह वहां एक दूसरे के साथ करीब तीन साल से रहे थे.
रात के अंधेरे में किया ऐसा काम
शक्तिवेल की एक बेटी बेंगलुरू में रहती थी. इस घटना के एक दिन पहले वह अपने पिता से मिलने आई थी. वह पूरा दिन उनके साथ गुजारकर रात में खाना खाकर 9 बजे के करीब वापस चली गई. रात के समय जब दोनों सो रहे थे तो किसी अंजान व्यक्ति ने बाहर से झोपड़ी का दरवाजा बंद कर दिया और उसमें आग लगा दी. इस घटना की जानकारी पुलिस को स्थानीय लोगों ने दी.
लोगों ने बताया कि शुक्रवार की सुबह काफी बदबू आ रही थी. छानबीन किए जाने पर खेत में एक झोपड़ी पूरी तरीके से राख बनी दिखाई दी. इसके साथ ही दोनों के शव भी पूरी तरीके से जल चुके थे और उनमें से बदबू आ रही थी.
फॉरेंसिक टीम को बुलाकर की गई जांच
पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद तुरंत ही एक्शन लिया और जांच में जुट गई. फॉरेंसिक टीम को बुलाकर स्नीफर डॉग की मदद से जांच प्रक्रिया शुरू की गई. शव के ज्यादा जल जाने के कारण दोनों की पहचान कर पाना भी मुश्किल हो पा रहा था. पोस्टमार्टम को मौके पर पूरा किया गया. पुलिस मामला दर्ज कर हर ऐंगल से जांच में लगी हुई ही. हालांकि, अभी मामले को संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने केस को दर्ज किया है.
