राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट लगातार व्यवस्थाओं में बदलाव कर रहा है.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर प्रशासन से जुड़े दो और प्रमुख अधिकारियों को राम मंदिर की व्यवस्थाओं से हटा दिया है.
Ayodhya Ram mandir: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद व्यवस्थाओं में बदलाव का दौर जारी है. इसी क्रम में ट्रस्ट ने राम मंदिर की व्यवस्था से जुड़े दो और लोगों को हटा दिया है. हटाए गए कर्मचारियों में केडी तिवारी उर्फ बड़े बाबू और बजरंग पाठक शामिल हैं. बताया जा रहा है कि दोनों की विदाई राम मंदिर में तैनात महिला क्षेत्राधिकारी की शिकायत के बाद हुई.
संभालते थे मूल्यवान वस्तुओं का लेखा-जोखा
जानकारी के अनुसार, केडी तिवारी उर्फ बड़े बाबू रामलला के आभूषणों और श्रद्धालुओं द्वारा समर्पित की जाने वाली मूल्यवान वस्तुओं का लेखा-जोखा संभालते थे. वहीं बजरंग पाठक वीआईपी दर्शनार्थियों को प्रसाद, अंगवस्त्र और अन्य सम्मान सामग्री भेंट करने की व्यवस्था देखते थे.
केडी तिवारी और बजरंग पाठक
केडी तिवारी रामलला के आभूषणों, रत्नों और श्रद्धालुओं द्वारा समर्पित की जाने वाली सभी मूल्यवान वस्तुओं (सोने-चांदी व अन्य बहुमूल्य भेंट) का हिसाब-किताब और रखरखाव देखते थे. बजरंग पाठक मंदिर आने वाले वीआईपी (VIP) दर्शनार्थियों के स्वागत, उन्हें प्रसाद देने और अंगवस्त्र भेंट करने जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का प्रबंधन संभाल रहे थे.
चढ़ावे की चोरी के मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट ने मंदिर की प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा शुरू की है. इसी कड़ी में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया जा रहा है और विभिन्न विभागों में जवाबदेही तय की जा रही है.
सख्ती और पारदर्शिता पर जोर
ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
