Masoud Pezeshkian UNGA speech: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका और इजरायल पर तीखा हमला बोला. उन्होंने परमाणु ऊर्जा को ईरान का हक बताया और ट्रंप के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि ईरान खुद आतंकवाद का शिकार रहा है.

Masoud Pezeshkian UNGA speech: संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी UNGA के मंच पर एक बार फिर भारी कूटनीतिक तनाव देखने को मिला. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अपने संबोधन में अमेरिका और इजरायल पर सीधा हमला बोला. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल करना ईरान का अपना अधिकार है. जैसे ही पेजेश्कियान ने बोलना शुरू किया, अमेरिका के प्रतिनिधि असेंबली हॉल छोड़कर बाहर निकल गए.
ट्रंप के आरोपों पर ईरान का तीखा पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले इसी मंच से ईरान को आतंकवाद का गढ़ बताया था. ट्रंप ने दुनिया भर के देशों से ईरान का आर्थिक बहिष्कार करने की मांग भी की थी. ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने ट्रंप के इस बयान पर तुरंत और तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि ईरान पर आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाना पूरी तरह गलत है. पेजेश्कियान के मुताबिक ईरान खुद सालों से आतंकवाद का शिकार रहा है.
परमाणु ऊर्जा पर अधिकार और अपनी सुरक्षा का दावा
ईरानी राष्ट्रपति ने साफ कहा कि परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल करना उनके देश का हक है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल ने नए हथियारों से उन पर हमले किए हैं. इसके बावजूद ईरान ने कभी हार नहीं मानी और पूरी ताकत से मुकाबला किया. उन्होंने कहा कि ईरान सिर्फ अपनी और अपने लोगों की सुरक्षा के लिए लड़ रहा है. हर देश को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है और ईरान वही कर रहा है.
इजरायल पर निशाना और गाजा के हालात
भाषण के दौरान पेजेश्कियान ने गाजा की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने दावा किया कि इजरायली हमलों में अब तक 80 हजार से ज्यादा मासूम मारे जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि इजरायल चुन-चुनकर अलग-अलग इलाकों में हमले कर रहा है. निर्दोष लोगों की जान जाने पर उन्होंने दुनिया की चुप्पी पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि इस तरह की हिंसा को तुरंत रोका जाना चाहिए.
मासूम बच्चों की तस्वीरें दिखाकर दुनिया को घेरा
अपने भाषण को असरदार बनाने के लिए उन्होंने एक स्कूल पर हुए हमले का जिक्र किया. उन्होंने मंच से हमले का शिकार हुए छोटे बच्चों की तस्वीरें सब को दिखाईं. उन्होंने पूछा कि इन मासूम बच्चों का क्या कसूर था जो उन्हें मार दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि ये मौतें अमेरिकी और इजरायली हथियारों के कारण हुई हैं. इससे पहले भी वे कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऐसे हमलों का मुद्दा उठा चुके हैं.
बढ़ते तनाव से दुनिया भर में बढ़ी चिंता
यह पूरा विवाद ट्रंप की उस चेतावनी के बाद शुरू हुआ जिसमें उन्होंने सैन्य कार्रवाई की बात कही थी. ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान समझौते पर नहीं आया तो अंजाम भुगतना होगा. इसके जवाब में पेजेश्कियान के कड़े रुख से दोनों देशों के बीच तनातनी और बढ़ गई है. अमेरिकी टीम का हॉल से बाहर जाना दिखाता है कि बातचीत का रास्ता बंद हो रहा है. जानकार मानते हैं कि इस खींचतान से मध्य पूर्व में शांति बनाना और मुश्किल हो जाएगा.
