UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ी हलचल के बीच, संभल की विवादित शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली आज औपचारिक रूप से AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) में शामिल हो रहे हैं. मुरादाबाद में आयोजित होने वाले AIMIM के एक कार्यक्रम में पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी में जफर अली पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे.
संभल हिंसा में थे आरोपी
सदर जफर अली संभल में हुई हिंसा के मामले में मुख्य आरोपियों में से एक थे. इस मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जहाँ उन्होंने चार महीने का समय काटा था.विवादित जामा मस्जिद के सदर जफर अली को पुलिस ने संभल हिंसा के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था. फिलहाल वे इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बाहर चल रहे हैं. गौरतलब है कि 1 अगस्त 2025 को जेल से रिहा होने के बाद जफर अली एक खुली कार में नेताओं की तरह जुलूस निकालते हुए संभल पहुंचे थे.
मुस्लिम बहुल सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार
सदर जफर अली ने AIMIM में शामिल होने की जानकारी की पुष्टि की है और बताया है कि सदस्यता लेने के बाद वे अपनी आगामी सियासी पारी का औपचारिक ऐलान करेंगे. सूत्रों के अनुसार, जफर अली कई बार 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं. पूरी संभावना है कि AIMIM उन्हें संभल विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बना सकती है. जफर अली के इस कदम से संभल और आसपास के इलाकों के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है, खासकर मुस्लिम बहुल सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है.
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