Lucknow News: उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक सवाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. प्रश्नपत्र में दिए गए विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द शामिल किए जाने पर एतराज जताया गया है. विवाद बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.
सरकार ने अपनाया सख्त रुख
प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में आपत्तिजनक या विवादित सवालों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री योगी सभी भर्ती बोर्डों के अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि प्रश्नपत्र तैयार करते समय किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की मर्यादा और आस्था से जुड़े विषयों पर अमर्यादित टिप्पणी किसी भी स्थिति में शामिल नहीं किया जाए.
जानिए क्या था विवादित सवाल?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार (14 मार्च) को आयोजित उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा की पहली पाली में एक प्रश्न पूछा गया था – “अवसर के अनुसार बदल जाने वालों के लिए एक शब्द में उत्तर दें.” इस प्रश्न के चार विकल्प दिए गए थे – पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी.प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने पर कई लोगों ने आपत्ति जताई और इसे एक समुदाय की भावनाओं से जोड़ते हुए विवाद खड़ा हो गया.
क्या कहा भर्ती बोर्ड ने ?
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने देर शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर स्थिति स्पष्ट की. बोर्ड ने बताया कि प्रश्नपत्रों का निर्माण बोर्ड स्तर पर स्थानीय अधिकारियों द्वारा नहीं किया जाता, बल्कि यह कार्य अत्यंत गोपनीय संस्थाओं के माध्यम से कराया जाता है ताकि परीक्षा की गोपनीयता बनी रहे.बोर्ड के अनुसार, प्रश्नपत्रों की सील्ड पैकेट परीक्षा केंद्रों पर ही अभ्यर्थियों के सामने पहली बार खोली जाती है और उसी के बाद उन्हें वितरित किया जाता है. इसलिए बोर्ड स्तर पर भी किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा पहले से प्रश्नपत्रों का अवलोकन नहीं किया जाता.हालांकि विवाद को देखते हुए बोर्ड ने संबंधित प्रश्न की जांच के आदेश दे दिए हैं और कहा है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
भाजपा नेता ने सीएम को लिखा पत्र
इस मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार ने भी गंभीरता दिखाई है. राज्य के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रश्न में दिए गए विकल्पों पर सरकार को कड़ी आपत्ति है.उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता.बीजेपी की उत्तर प्रदेश इकाई के सचिव और ब्राह्मण समुदाय से जुड़े अभिजात मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस प्रश्न पर आपत्ति जताई है. उन्होंने मांग की है कि प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.फिलहाल भर्ती बोर्ड द्वारा जांच शुरू कर दी गई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
