UP Weather: उत्तर प्रदेश में मानसून का मिजाज एक बार फिर दो हिस्सों में बंट गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 22 अगस्त से 24 अगस्त के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में लोगों को भीषण उमस और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा. मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं भारी बारिश की भी बहुत संभावना जताई है.अगर आप घर से बाहर निकलने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको पहले मौसम अपडेट जरूर देख लेना चाहिए. जानिए आपके शहर में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है और कब एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होगा?
दिल्ली-एनसीआर का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार रात से ही झमाझम बारिश हो रही है. बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है. कई दिनों बाद नोएडा-गाजियाबाद में बारिश के चलते लोगों ने राहत की सांस ली है.आज रुक रुक कर बारिश होने का अनुमान है.
राजधानी लखनऊ का मौसम
राजधानी लखनऊ में सुबह से बारिश का सिलसिला जारी है. कई इलाकों में बारिश हो रही है. आज दिनभर बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग ने पूर्वी यूपी में भारी बारिश की चेतावनी दी है. लखनऊ में आज करीब 8–9 MM बारिश का अनुमान है और रात में भी बारिश जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3 दिनों तक बारिश का दौर बना रहेगा. बारिश से तापमान में गिरावट आई है पर, सड़कों पर मुश्किलें बढ़ गई हैं.
22 से 24 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम का हाल?
पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है वो हैं सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर, बांदा और चित्रकूट. मौसम विभाग ने पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के कई जिलों के लिए गरज-चमक और वज्रपात (बिजली गिरने) के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का हाल जानें
पश्चिमी जिलों में भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है. हालांकि, 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी और कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ सकती हैं. बारिश की कमी के कारण उमस में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी.
जरूरी एडवाइजरी
किसानों और ग्रामीणों को सलाह है कि खराब मौसम, आकाशीय बिजली और कड़क के दौरान खुले खेतों, पेड़ों के नीचे या पानी वाले इलाकों में खड़े होने से बचें. पूर्वी यूपी के निचले इलाकों में भारी बारिश से जलभराव (Waterlogging) हो सकता है, इसलिए यात्रा करते समय मुख्य मार्गों का ही चयन करें.
