us israel ground offensive iran: अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने ईरान के खिलाफ एक सीमित और सटीक जमीनी सैन्य कार्रवाई की योजना तैयार की है, जिसके तहत विशेष बल और मरीन सैनिक ईरान के महत्वपूर्ण तेल और परमाणु ठिकानों को निशाना बना सकते हैं. इस मिशन के लिए USS Tripoli जैसे आधुनिक युद्धपोत और हजारों सैनिक पहले ही क्षेत्र में तैनात किए जा चुके हैं, जिससे मध्य पूर्व में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बढ़ गई है.

us israel ground offensive iran: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अब United States और Israel की तरफ से Iran के खिलाफ जमीनी कार्रवाई की तैयारी की खबरें सामने आ रही हैं. अमेरिकी रक्षा विभाग Pentagon ने ऐसे सैन्य अभियानों की रूपरेखा तैयार की है, जो कुछ हफ्तों तक चल सकते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक और मरीन पहले ही क्षेत्र में तैनात किए जा चुके हैं. इससे यह संकेत मिल रहा है कि हालात और गंभीर हो सकते हैं. हालांकि फिलहाल यह पूरी तरह का युद्ध नहीं बल्कि सीमित और सटीक सैन्य कार्रवाई की रणनीति बताई जा रही है.
बताया जा रहा है कि इस योजना के तहत स्पेशल फोर्सेज और पैदल सेना तेज कार्रवाई कर सकती है. इनका मकसद कुछ अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना होगा. कार्रवाई पूरी होने के बाद सैनिक तुरंत वापस लौट सकते हैं. ऐसे अभियानों की अवधि कुछ हफ्तों से लेकर कुछ महीनों तक हो सकती है. अमेरिकी रणनीति का मुख्य लक्ष्य ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना बताया जा रहा है.
अमेरिका की नजर खासतौर पर ईरान की मिसाइल प्रणाली, एयर डिफेंस और तटीय सैन्य ठिकानों पर है. रणनीतिक रूप से अहम माने जाने वाले Kharg Island पर भी कब्जा करने या उसकी नाकेबंदी करने की योजना पर चर्चा हो रही है. यह द्वीप ईरान के तेल निर्यात का बड़ा केंद्र माना जाता है. इसके अलावा Strait of Hormuz के आसपास मौजूद उन ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है, जहां से जहाजों पर हमले किए जाते हैं.
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी सेना ने अंतिम विकल्प के तौर पर बड़े हमले की योजना भी तैयार कर रखी है. इसमें जमीनी कार्रवाई के साथ भारी बमबारी शामिल हो सकती है. रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Larak Island और Abu Musa Island जैसे द्वीपों पर कब्जा करने के विकल्प भी चर्चा में हैं. इसके अलावा ईरान के परमाणु ठिकानों तक पहुंचकर वहां मौजूद यूरेनियम को सुरक्षित करने की योजना भी बताई जा रही है.
इस बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत तेजी से बढ़ाई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि आधुनिक युद्धपोत USS Tripoli ऑपरेशनल जोन में पहुंच चुका है. इस जहाज पर करीब 2500 मरीन सैनिक तैनात हैं. इसके अलावा USS Boxer समेत अन्य जहाजों को भी मिडिल ईस्ट भेजा गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जमीनी कार्रवाई शुरू होती है तो अमेरिकी सैनिकों को ड्रोन, मिसाइल और ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps से कड़ी टक्कर मिल सकती है. ऐसे में यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध का रूप भी ले सकता है.
