उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोहर्रम को लेकर निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि यह मातम का अवसर है, इसलिए शक्ति प्रदर्शन की परमिशन नहीं दी जाएगी. सीएम योगी ने डीजे को लेकर भी निर्देश दिए हैं.

मोहर्रम पर सीएम योगी के निर्देश
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं. सीएम योगी ने आगामी मोहर्रम को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि मोहर्रम मातम का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन करने का नहीं. मोहर्रम के दौरान किसी भी तरह के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन, किसी नई परंपरा की शुरुआत, कानफोड़ डीजे और ढोल-ताशों को इस्तेमाल करने की परमिशन नहीं दी जाएगी.
कानून-व्यवस्था न बिगड़ पाए
सीएम योगी ने कहा कि शांति भंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. मंगलवार को सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि मोहर्रम की व्यवस्थाओं को लेकर पहले से ही बात की जाए और सुनिश्चित किया जाए कि कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ न हो पाए. सीएम योगी ने कहा कि कानफोड़ डीजे और ढोल-ताशों के इस्तेमाल पर भी नियंत्रण रखा जाए.
ताजियों की ऊंचाई पर भी सख्ती
इस दौरान सीएम योगी ने कहा है कि मोहर्रम के जुलूस में किसी तरह के शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए और दुर्घटना से बचाव के कारण ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए. उन्होंने कहा कि 10-12 फीट से ज्यादा ऊंचे ताजियों के लिए परमिशन न दी जाए. सीएम योगी ने कहा कि सभी की आस्था का सम्मान किया जाए, लेकिन नई परंपरा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं की जाएगी.
कब मनाया जाता है मोहर्रम?
आपको बता दें कि मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का वो पाक महीना है जो हजरत मुहम्मद, इमाम हुसैन की शहादत से जुड़ा हुआ है. इस महीने को गम का महीना भी कहा जाता है. इस महीने के पहले दिन से इस्लामिक नए साल की शुरुआत होती है और इस महीने में खुशियां नहीं मनाई जाती हैं. शिया समुदाय के लोग मोहर्रम को काफी मानते हैं. यह महीना इस्लामिक कैलेंडर के चार पाक महीनों में से एक है.
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