Campaign by the Uttarakhand government: उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री धामी के जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान ने जनता को सीधे सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ पहुंचाकर सुशासन की नई मिसाल कायम करने का काम किया है.

Campaign by the Uttarakhand government: उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार का जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान एक नई मिसाल बनकर उभरा है. इस कार्यक्रम के तहत प्रशासन सीधे जनता के पास पहुंचा और लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया गया. यह पहल केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि वास्तविक ज़मीनी स्तर पर परिणाम देने में सफल रही है. 02 जनवरी 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य के सभी 13 जनपदों में 204 जनसेवा कैम्पों का आयोजन किया गया है. इन कैम्पों में 1 लाख 35 हजार से अधिक लोग शामिल हुए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अभियान जनता की वास्तविक जरूरतों से जुड़ा हुआ था.
12 हजार 776 शिकायतों को निपटाया गया
इन कैम्पों में कुल 17 हजार 747 शिकायतें और प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 12 हजार 776 का मौके पर निस्तारण किया गया है. लगभग तीन-चौथाई समस्याओं का तुरंत समाधान प्रशासन की जवाबदेही और दक्षता का प्रमाण है. बाकी मामलों को संबंधित विभागों को भेजकर समयबद्ध निगरानी में रखा गया, ताकि कोई भी शिकायत लंबित न रहे. यह प्रक्रिया जनता के विश्वास और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत बनाने में मददगार साबित हुई है.
कार्यक्रम में नागरिकों के आय, जाति, निवास और अन्य प्रमाण पत्रों से संबंधित 19 हजार 734 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इससे यह साफ हुआ कि अब लोगों को मूलभूत सेवाओं के लिए लंबा इंतजार या कई दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है. इसके साथ ही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 77 हजार 203 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है. सरकार ने एक ही मंच पर सेवाएं उपलब्ध कराकर गरीब, वंचित और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लाभ पहुंचाया है.

मुख्यमंत्री धामी ने इस अभियान के दौरान साफ निर्देश दिए कि अधिकारी जनता के पास जाकर समस्याओं का समाधान करें और प्राथमिक स्तर पर ही मामलों को निपटाएं. लंबित मामलों की मॉनिटरिंग, कमजोर वर्गों और दिव्यांगों को प्राथमिकता, और लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने से प्रशासन अधिक सक्रिय और संवेदनशील बना है.
मुख्यमंत्री ने कहा, जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम उत्तराखण्ड में शासन की सोच बदलने वाला अभियान है. इसका उद्देश्य यह है कि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी योजनाओं और सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सका हैं. यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विश्वास, समाधान और संवेदनशीलता पर आधारित उत्तराखण्ड मॉडल ऑफ गुड गवर्नेंस है.” इस पहल ने न केवल जनता का प्रशासन पर विश्वास बढ़ाया, बल्कि भ्रष्टाचार और बिचौलियों पर प्रभावी अंकुश भी लगाया है.
