Uttarakhand ka Mausam: उत्तराखंड में 16 अगस्त को मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है. राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. ऐसे में घर से निकलने से पहले पढ़िए अपने जिले का वेदर अपडेट…
Uttarakhand Mausam 16 August: उत्तराखंड में मॉनसून ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 अगस्त को राज्य के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है. मौसम केंद्र देहरादून के अनुसार, देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, चम्पावत और उधमसिंह नगर में बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ भीषण बारिश का दौर रहेगा. बागेश्वर-नैनीताल में अचानक बाढ़ (Flash Flood) और नालों के उफान का खतरा बना हुआ है.
उत्तराखंड आज का मौसम
देहरादून और आसपास के इलाकों में मौसम के मिजाज की बात करें तो राजधानी देहरादून और ऋषिकेश के आसपास के क्षेत्रों में 16 अगस्त से लेकर 18 अगस्त तक लगातार मौसम बिगड़ा रहने की संभावना है. 16 अगस्त को राजधानी के कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकती है. 17 अगस्त को भी देहरादून में बहुत भारी बारिश का अलर्ट बरकरार रहेगा, जबकि 18 अगस्त को भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है.
अगले 3 दिनों का जिलावार पूर्वानुमान
16 अगस्त: देहरादून, चम्पावत, बागेश्वर, उधमसिंह नगर और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और हरिद्वार में भी तेज बौछारों के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान.
17 अगस्त: पौड़ी और टिहरी जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
18 अगस्त: उत्तरकाशी, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग में मूसलाधार बारिश की संभावना
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की एडवाइजरी
भूस्खलन का खतरा- पहाड़ियों से बोल्डर गिरने और लैंडस्लाइड के कारण मसूरी, सहस्रधारा और पर्वतीय मार्गों पर आवाजाही बाधित हो सकती है.
चारधाम यात्रियों को निर्देश-आपदा प्रबंधन विभाग ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम का अपडेट देखकर ही यात्रा करें और सुरक्षित स्थानों पर ठहरें.
मैदानी इलाकों में जलभराव- शहरों के निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका को देखते हुए स्थानीय निकायों को सतर्क रहने को कहा गया है.
केदारनाथ में लगातार बारिश
केदारनाथ में लगातार बारिश हो रही है. पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के सभी ज़रूरी इंतज़ाम कर लिए हैं. गौरीकुंड से केदारनाथ के रास्ते में कई संवेदनशील जगहें हैं और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कंट्रोल रूम से इन जगहों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है. रुद्रप्रयाग की SP निहारिका तोमर कहती हैं, “…प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हो सकने वाले और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में आपदा प्रबंधन टीमें और पुलिस तैनात की गई हैं…”
प्रशासन की अपील
बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को मौसम की अद्यतन जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है.
