West Bengal Cabinet: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद सुवेंदु अधिकारी मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार हुआ है, जिसमें 35 भाजपा विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है. इस विस्तार में कुल 7 महिलाओं को जगह देने के साथ-साथ पहली बार उत्तर बंगाल क्षेत्र को विशेष महत्व देते हुए वहां से रिकॉर्ड 10 मंत्री बनाए गए हैं.

West Bengal Cabinet: पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार किया गया है. सोमवार को कोलकाता के लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 35 भाजपा विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. राज्यपाल आर.एन. रवि ने सभी नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इनमें 13 कैबिनेट मंत्री, 3 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 19 राज्य मंत्री शामिल हैं. इससे पहले 9 मई को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी समेत 6 मंत्री शपथ ले चुके थे. अब राज्य सरकार में कुल मंत्रियों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है. नए मंत्रियों को विभागों का बंटवारा 3 जून को किया जाएगा.
संविधान के नियमों के अनुसार किसी भी राज्य में मंत्रियों की संख्या विधानसभा की कुल सीटों के 15 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकती. पश्चिम बंगाल विधानसभा में 294 सीटें हैं. ऐसे में राज्य में अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं. इस विस्तार में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक प्रतिनिधित्व और महिलाओं को जगह देने पर खास ध्यान दिया है. मंत्रिमंडल में अब कुल 7 महिला मंत्री शामिल हैं. इनमें अग्निमित्रा पॉल को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. मालती रावा रॉय को स्वतंत्र प्रभार वाला राज्य मंत्री बनाया गया है. वहीं कालिता माझी को राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है. कालिता माझी चुनाव से पहले घरेलू सहायक के रूप में काम करती थीं.
इस बार उत्तर बंगाल को मंत्रिमंडल में विशेष महत्व मिला है. उत्तर बंगाल से 10 विधायकों को मंत्री बनाया गया है. यह राज्य के इतिहास में पहली बार हुआ है जब इस क्षेत्र से इतनी बड़ी संख्या में नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिली है. निशीथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास मंत्री बनाया गया है. वहीं शंकर घोष समेत कई अन्य नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं. दूसरी ओर कोलकाता से केवल 4 विधायक मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं. पहले आमतौर पर कोलकाता के नेताओं का मंत्रिमंडल में दबदबा देखने को मिलता था, लेकिन इस बार तस्वीर अलग दिखाई दी है.
शपथ लेने वाले प्रमुख नेताओं में तपस रॉय, स्वपन दासगुप्ता, शरदवत मुखर्जी, अर्जुन सिंह और जगन्नाथ चटर्जी जैसे नाम शामिल हैं. ये सभी पहली बार भाजपा के टिकट पर विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे हैं. इसके अलावा शंकर घोष, दीपक बर्मन, मनोज उरांव और गौरी शंकर घोष जैसे दूसरे कार्यकाल के विधायक भी कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं. अनुसूचित जनजाति समुदाय से मनोज उरांव, राजेश महतो, जोयेल मुर्मू, अमिया किस्कू और बिशाल लामा को जगह मिली है. वहीं अनुसूचित जाति समुदाय से दीपक बर्मन, आनंदमय बर्मन, दुध कुमार मंडल, हरे कृष्ण बेरा, नदियार चंद बाउरी, दीपांकर जना और कालिता माझी को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है.
राज्य मंत्री के रूप में जोयेल मुर्मू, अशोक डिंडा, आनंदमय बर्मन, कौशिक चौधरी, गर्गी दास घोष, भास्कर भट्टाचार्य, दिवाकर घरामी और सुमना सरकार ने भी शपथ ली. इसके अलावा शांतनु प्रमाणिक, पूर्णिमा चक्रवर्ती और उमेश राय को भी राज्य मंत्री बनाया गया है. सरकार ने कोशिश की है कि राज्य के लगभग हर क्षेत्र और जिले को प्रतिनिधित्व मिले. इससे पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक किर्तनिया, निशीथ प्रमाणिक और क्षुदिराम टुडू मंत्री पद की शपथ ले चुके थे. अब मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ पश्चिम बंगाल की नई सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है.
