west bengal tamil nadu assembly election 2026: पश्चिम बंगाल में 92.14% और तमिलनाडु में 84.98% के ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत के साथ विधानसभा चुनाव के दौरान नया रिकॉर्ड कायम हुआ है. चुनाव आयोग ने इसे ‘सुपर गुरुवार’ करार देते हुए आजादी के बाद का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक उत्साह बताया है.

west bengal tamil nadu assembly election 2026: West Bengal और Tamil Nadu में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के दौरान रिकॉर्ड स्तर पर मतदान हुआ. दोनों राज्यों में लोगों ने बड़ी संख्या में घरों से निकलकर वोट डाला. पश्चिम बंगाल में लगभग 92.14 प्रतिशत और तमिलनाडु में करीब 84.98 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. इतने बड़े स्तर पर वोटिंग को देखकर चुनाव आयोग भी हैरान और खुश नजर आया. इस दिन को लोकतंत्र के लिए बेहद खास माना जा रहा है.
देश के Gyanesh Kumar ने भी इस ऐतिहासिक मतदान पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि 1947 में देश की आजादी के बाद से अब तक इतने बड़े पैमाने पर मतदान शायद ही कभी देखा गया हो. उनके मुताबिक यह दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने इसे “लोकतंत्र का सुपर गुरुवार” बताया. उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का मतदान करना लोकतंत्र की ताकत को दिखाता है.
इधर Kolkata में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी Manoj Agarwal ने भी मतदान को लेकर कई अहम जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस बार मतदान केंद्रों की सुरक्षा पूरी तरह केंद्रीय सुरक्षा बलों को दी गई थी. इसके कारण सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत रही. लोगों को यह भरोसा था कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से होगा. इसी वजह से लोग बिना डर के अपने घरों से निकलकर मतदान करने पहुंचे.
आमतौर पर चुनावों में एक बड़ी समस्या यह होती है कि कई लोग वोट डालने के लिए घर से बाहर नहीं निकलते. कई बार मतदान प्रतिशत काफी कम रहता है. लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल अलग रही. पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों राज्यों में लोगों ने उत्साह के साथ मतदान किया. सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी लाइनें देखने को मिलीं. यह साफ दिखा कि लोगों में चुनाव को लेकर काफी जागरूकता और उत्साह था.
अगर आंकड़ों की बात करें तो पश्चिम बंगाल में लगभग 100 में से 92 लोगों ने मतदान किया. वहीं तमिलनाडु में 100 में से करीब 85 लोगों ने वोट डाला. दोनों ही राज्यों में यह प्रतिशत बहुत ज्यादा माना जाता है. इतनी बड़ी संख्या में मतदान होना लोकतंत्र के लिए एक अच्छा संकेत माना जा रहा है. चुनाव आयोग का कहना है कि लोगों की बढ़ती भागीदारी लोकतंत्र को और मजबूत बनाती है. यही वजह है कि इस दिन को खास और ऐतिहासिक बताया जा रहा है.
