पाकिस्तान के लाहौर से एक ऐसी खबर सामने आ रही है, जिससे भले ही पूरा पाकिस्तान चिंता में हो, लेकिन भारत में खुशी की लहर दोड़ते दिखाई दे रही है. बता दें कि लश्कर-ए-तैयबा जैसे आंतकी संगठन के संस्थापक पर किसी ने गोली मार कर जान से मारने की कोशिश की है. संस्थापक अमीर हमजा पर यह हमला पाकिस्तान न्यूज चैनल के ऑफिस के बाहर में हुआ है.
जानकारी के अनुसार आतंकी ग्रुप का संस्थापक जब ऑफिस के बाहर से निकला, तो अचानक ही उसपर कुछ हमलावरों ने फायरिंग करना शुरू कर दिया. गोली चलने के कारण मौके पर मौजूद सभी लोग जान बचाते दिखाई दिए, जिसकी वजह से वहां अफरा तफरी मच गई. गोली लगने की वजह से हालत काफी नाजुक बताई जा रही है. अस्पताल में भर्ती कराने के बाद में डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताई है. हमले के पीछे कौन शामिल था, इसके बारे में अभी तक पता नहीं लग पाया. पाकिस्तानी जांच एजेंसियां हमले के पीछे शामिल लोगों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने में लग गई है.
लश्कर-ए-तैयबा और उसके बड़े चेहरे
लश्कर-ए-तैयबा एक बहुत बड़ा आतंकी संगठन है. अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने भी इस संगठन को आंतकी संगठन घोषित कर रखा है. वहीं, अमीर हमजा इस ग्रुप के अहम चेहरों में से एक है. चर्चित आतंकी हाफिज सईद के संग में मिलकर उसने इस आतंकी ग्रुप की स्थापना की थी. वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैन आंतकियों की श्रेणी में आता है.
जानकारी के अनुसार अमीर हमजा लश्कर की पत्रिका में ‘मजल्लह अल-दावा’ के संपादक के रूप में भी काम कर चुका है. अफगान मुजाहिदीन का प्रमुख हिस्सा होने के कारण वह अपने भड़काऊ भाषणों और कट्टपंथी लेखन के लिए लोगों के बीच में चर्चा में रहता है. कंटरपंथी विचारधारा को बढ़ाने के साथ-साथ आतंकी नेटवर्क को फंडिग और भर्ती में काफी प्रमुख भूमिका निभाता है. 2002 में उसने काफिल दावल और शहादत नाम की एक किताब भी लिखी थी, जिसमें उसने आतंकी विचारों को बढ़ावा दिया था.
कई रिपोर्ट के अनुसार 2018 में पाकिस्तान के लश्कर से जुड़े सभी आतंकी संगठनों पर कार्रवाई होने के कारण उसने अपने आप को संगठन से अलग दिखाने की कोशिश की थी. हालांकि, बाद में उसने जैश-ए-मनकाफा नामक एक नया आंतकी संगठन बनाया. कश्मीर से लेकर भारत के अन्य जगहों पर होने वाले आंतकी हमलों और साजिशों में इस संगठन का हाथ रहता है.
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