pete hegseth warning: अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 22 अप्रैल को युद्धविराम समाप्त होने से पहले ईरान को फिर से युद्ध शुरू करने की कड़ी चेतावनी दी है. जवाब में ईरान ने अपने सैन्य ड्रोन का उत्पादन 10 गुना बढ़ा दिया है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर पहुँच गया है और वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट मंडरा रहा है.

pete hegseth warning: United States और Iran के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है. कुछ समय पहले दोनों देशों के बीच दो हफ्ते के लिए युद्धविराम हुआ था. लेकिन अब हालात फिर से बिगड़ते नजर आ रहे हैं. अमेरिका के रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने जल्द सही फैसला नहीं लिया तो अमेरिका फिर से युद्ध शुरू कर सकता है. इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है. क्योंकि इस टकराव का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है.
इस विवाद के केंद्र में Strait of Hormuz है. यह एक संकरा समुद्री रास्ता है जो ईरान और कई अरब देशों के बीच पड़ता है. दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुजरता है. हर दिन सैकड़ों तेल टैंकर और व्यापारी जहाज यहां से निकलते हैं. अगर यह रास्ता किसी कारण से बंद हो जाता है तो वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा. इससे तेल की कीमतें बहुत तेजी से बढ़ सकती हैं. कई देशों की अर्थव्यवस्था भी इससे प्रभावित हो सकती है.
पीट हेगसेथ ने अपने बयान में कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है. अगर ईरान ने समझौता नहीं किया या कोई आक्रामक कदम उठाया तो अमेरिका जवाब देने के लिए तैयार रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान का यह दावा कि वह होर्मुज की खाड़ी को कंट्रोल करता है, सही नहीं है. उनके अनुसार व्यापारी जहाजों को धमकाना किसी भी तरह का नियंत्रण नहीं है. बल्कि यह सीधे तौर पर समुद्री लूट जैसा व्यवहार है. उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की रक्षा के लिए हर कदम उठाने को तैयार है.
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि अमेरिका की खुफिया एजेंसियां ईरान की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं. उनके अनुसार ईरान अपने उन सैन्य ठिकानों को फिर से तैयार करने की कोशिश कर रहा है जो हाल की बमबारी में नुकसान झेल चुके हैं. कुछ हथियार लॉन्चर को जमीन से निकालकर दोबारा इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा रहा है. हेगसेथ ने साफ कहा कि अमेरिका को इन गतिविधियों की पूरी जानकारी है और वह हर कदम पर नजर बनाए हुए है.
यह पूरा मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि दो हफ्ते का युद्धविराम 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है. अगर तब तक कोई समझौता नहीं हुआ तो फिर से संघर्ष शुरू होने का खतरा बढ़ सकता है. इस बीच ईरान की सेना ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है. रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने हमले करने वाले सैन्य ड्रोन के निर्माण की रफ्तार बढ़ा दी है. कहा जा रहा है कि पिछले साल के मुकाबले अब इन ड्रोन के उत्पादन की गति लगभग दस गुना ज्यादा कर दी गई है. इससे आने वाले समय में क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है.
