CBI की टीम NEET पेपर लीक मामले में लगातार जांच कर रही है. इस मामले में कार्रवाई करते हुए अब जांच एजेंसी नागपुर और चंद्रपुर जिलों में NEET के स्टूडेंट्स के घरों पर छापेमारी कर रही है. इस दौरान छात्रों से पूछताछ की जा रही है.

NEET स्टूडेंट्स के घर छापेमारी
NEET पेपर लीक मामले में CBI लगातार खुलासे कर रही है. जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है. अब इसी मामले में CBI महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र तक पहुंच गई है. जांच एजेंसी टीम पिछले 2 दिनों से विदर्भ के नागपुर और चंद्रपुर जिलों में NEET के स्टूडेंट्स के घरों पर छापेमारी कर रही है. बताया जा रहा है कि इन छात्रों ने लेक्चरर प्रहलाद कुलकर्णी की स्पेशल मॉक टेस्ट ली थी. इन छात्रों को उस क्लास में बड़ी रकम देकर शामिल कराया गया था.
कई जगहों पर टीम की छापेमारी
जानकारी के मुताबिक इन छात्रों को कुलकर्णी की स्पेशल क्लास तक नागपुर के एजेंट्स लेकर आए थे. बताया जा रहा है कि CBI ने नागपुर और चंद्रपुर जिले में कई जगहों पर छापेमारी की है. इस दौरान उन छात्रों के घर पर भी छापेमारी हुई है, जिनके नाम जांच के दौरान पेपर लीक के लाभार्थियों के रूप में सामने आए हैं. जांच एजेंसियों को शव है कि इन छात्रों का संपर्क पुणे की मनीषा वाघमारे के जरिए पेपर लीक करने वाले रैकेट से हुआ था.
5 घंटों तक तलाशी
आपको बता दें कि इस मामले में मनीषा वाघमारे को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. नागपुर के मंगलवारी इलाके और सेंट्रल एवेन्यू के पास में मौजूद कुछ घरों में CBI ने लगभग 5 घंटों तक तलाशी ली है. इस दौरान जांच एजेंसी ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, आईपैड, डेस्कटॉप कंप्यूटर, सैंपल प्रश्न पत्र, हैंड रिटेन नोट्स और कई सामग्री को जब्त किया है.
3 डॉक्टरों से हो रही पूछताछ
जांच एजेंसी जब्त किए गए सभी डिजिटल उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने वाली है. जिसके बाद डिलीट किए गए डेटा, मैसेज और कम्युनिकेशन रिकवर किया जाएगा और सबूतों को तलाशा जाएगा. छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने छात्रों के परिजनों से भी पूछताछ की है और उनके बयानों को दर्ज किया है. इस मामले को लेकर लातूर में भी 3 डॉक्टरों से पूछताछ की जा रही है. कहा जा रहा है कि इन डॉक्टरों का गिरफ्तार केमेस्ट्री प्राध्यापक शिवराज मोटेगांवकर से करीबी संबंध है.
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