UP Census 2027: यूपी में आज से मकानों को गिनने का सिलसिला शुरू हो जाएगा. मकानों की गिनती के बाद इंसानों की गिनती दूसरे चरण यानी अगले साल फरवरी में होगी. जनगणना के लिए नियुक्त प्रगणक घर-घर जाएंगे और लोगों से 33 सवाल पूछेंगे. पहले चरण (22 मई से 20 जून 2026) में सिर्फ मकानों की लिस्टिंग और सूचीकरण होगा. इतिहास में पहली बार यह जनगणना पूरी तरह पेपरलेस यानी डिजिटल हो रही है.
घर-घर होगा सर्वे
शुक्रवार से प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और लोगों से 33 सवाल पूछेंगे. इन सवालों में मकान की स्थिति, सुविधाएं, परिवार और संपत्ति से जुड़ी जानकारी शामिल होगी. प्रगणक मोबाइल एप के जरिए डिजिटल तरीके से डेटा दर्ज करेंगे. यूपी में 7 मई से 21 मई तक स्वगणना (Self Enumeration) की सुविधा दी गई थी. इस दौरान 46 लाख 93 हजार 783 लोगों ने ऑनलाइन स्वगणना की.
जनगणना पूरी तरह डिजिटल
लखनऊ में 98 हजार 331 लोगों ने स्वगणना की है. अब 22 मई से 20 जून तक फील्ड कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे. पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जा रही है.
प्रदेशभर में इस काम के लिए करीब 5 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है. सरकार के मुताबिक, जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं और नीतियों का आधार बनेंगे.
कब शुरू हुई थी ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा
दरअसल जनगणना के प्रोसेस के तहत स्वगणना के ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा दी गई थी. जो सात मई से शुरू हुई थी. इसमें परिवार को मुखिया को ce.census.gov.in पोर्टल पर जाकर लॉगिन कर फॉर्म भरना था. विभागीय अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में अब तक 44 लाख से ज्यादा लोगों ने फॉर्म भरा.
स्व-गणना का शानदार रिस्पॉन्स
7 मई से 21 मई तक चली ऑनलाइन ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ प्रक्रिया में प्रदेश के 46.93 लाख से अधिक लोगों ने खुद अपनी जानकारी दर्ज की, जिसमें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ भी शामिल हैं। राजधानी लखनऊ में यह आंकड़ा 98 हजार से पार रहा.
जानिए क्या होगा अगला कदम?
आज यानी 22 मई से 20 जून तक प्रदेश के करीब 5.47 लाख प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण (House Listing) का काम करेंगे. जिन लोगों ने स्व-गणना कर ली है, उन्हें बस अपनी यूनिक आईडी प्रगणक को दिखानी होगी.
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