मध्य प्रदेश के गुना से इंदौर जैसे हालात सामने आ रहे हैं. दरअसल, यहां पर एक दर्जन से अधिक बच्चों के गंदा पानी पीने की वजह से बीमार होने की आशंका जताई जा रही है. सभी बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गई है.
पीलिया जैसे लक्षण
जानकारी के मुताबिक, एक दर्जन से अधिक बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था. सभी में पेट दर्द, दस्त, उल्टी और पीलिया जैसे लक्षण देखने को मिले. वहीं, कुछ बच्चों के लिवर में सूजन तक की समस्या भी देखने को मिली है. यह समस्या आमतौर पर दूषित खान-पान की वजह से होती है. हालांकि, शुरुआती जांच में मामला दूषित पानी का लग रहा था, जिसके बाद जल जीवन मिशन के चीफ ऑफिसर संचित ढेमरी ने एक्शन लिया और वार्ड नंबर 9 और 10 से पानी के सैंपल को लेकर जांच के लिए भेजा.
सैंपल में पानी साफ
शुरुआती जांच में सैंपल बिना बदबू और साफ पानी का सामने आया है. हालांकि, पूर्ण जांच के लिए सैंपल को पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग के लैब में भेज दिया गया है. उन्होंने बताया कि कई वार्ड में एक ही जल टैंक से पानी जाता है. करीब छह वार्ड में पानी पहुंचाया जाता है. फिलहाल लेकिन दो ही वार्ड से बच्चों के बीमार होने का मामला सामने आया है. इसी कारण से सुबह 9 बजे जब पानी की सप्लाई होगी, तो दोबारा से उसे सैंपलिंग के लिए जाएगा. जांच में देखा जाएगा कि बच्चों की बीमार होने की वजह पानी है या कुछ और.
ये भी पढ़ें: UP पुलिस भर्ती परीक्षा आज से शुरू! दांव पर 28 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों की किस्मत; सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम
