cm vijay meets pm modi: तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर राज्य के लिए 3,284 करोड़ रुपये का शिक्षा फंड जारी करने और नीट परीक्षा से छूट देने की बड़ी मांग रखी है.

cm vijay meets pm modi: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक बेहद महत्वपूर्ण मुलाकात की है. मुख्यमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी के साथ उनकी यह दूसरी मुलाकात थी. विजय ने नीति आयोग की बैठक में भी हिस्सा लिया और केंद्र सरकार के सामने राज्य की कई बड़ी मांगें मजबूती से रखीं. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि तमिलनाडु की जनता ने उनकी पार्टी टीवीके (TVK) को ऐतिहासिक जनादेश देकर सरकार बनाने का मौका दिया है. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार देश और राज्य के विकास के लिए केंद्र के साथ मिलकर सकारात्मक रूप से काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने केंद्र सरकार से तमिलनाडु का हक मांगा. उन्होंने अनुरोध किया कि केंद्र सरकार बिना किसी शर्त के राज्य को 3,284 करोड़ रुपये का ‘समग्र शिक्षा फंड’ तुरंत जारी करे. इसके साथ ही उन्होंने तमिलनाडु के छात्रों के भविष्य को देखते हुए राज्य को ‘नीट’ (NEET) परीक्षा से पूरी तरह छूट देने की पुरानी मांग को एक बार फिर दोहराया. तमिलनाडु के मछुआरों का मुद्दा भी इस बैठक में गरमाया रहा. सीएम विजय ने प्रधानमंत्री से श्रीलंका की हिरासत से तमिलनाडु के मछुआरों को जल्द से जल्द सुरक्षित रिहा कराने के लिए कड़े कदम उठाने की अपील की.
मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास और संस्कृति को लेकर भी प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात रखी. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि महान तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ को राष्ट्रीय साहित्य घोषित किया जाए. इसके साथ ही उन्होंने तमिलनाडु में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य को बाढ़ की समस्या से हमेशा के लिए बचाने के लिए केंद्र से अधिक वित्तीय और तकनीकी सहायता की जरूरत है. विजय ने कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक उथल पुथल के बावजूद तमिलनाडु देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में मजबूती से आगे बढ़ रहा है और राज्य सरकार ने साल 2036 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का एक बड़ा लक्ष्य तय किया है.
युवाओं के रोजगार और हुनर को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के विजन को सामने रखा. उन्होंने ‘युवा कौशल और रोजगार मिशन’ के बारे में बताते हुए कहा कि उनकी सरकार हर साल 5 लाख युवाओं को स्टाइपेंड के साथ इंटर्नशिप और ट्रेनिंग देने पर काम कर रही है. इसके लिए उन्होंने केंद्र से मदद मांगी कि तमिलनाडु के हर जिले में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी स्किल सेंटर बनाए जाएं. इन सेंटर्स में युवाओं को आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, डीप टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, इलेक्ट्रिक वाहन और सेमीकंडक्टर जैसे भविष्य के क्षेत्रों में स्पेशल ट्रेनिंग दी जा सके.
अपने संबोधन के आखिरी हिस्से में मुख्यमंत्री ने महिलाओं और किसानों के लिए किए जा रहे कामों का ब्योरा दिया. उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए राज्य पुलिस के विशेष बल ‘सिंगापेन’ (Singappen) की शुरुआत का जिक्र किया, जो महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा देगा. इसके साथ ही खेती किसानी को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने अपनी सरकार द्वारा चलाई जा रही 2,045 करोड़ रुपये की सहकारी फसल ऋण माफी योजना के बारे में भी बताया. छोटे छोटे वाक्यों में समझें तो तमिलनाडु की नई सरकार राज्य को आर्थिक और सामाजिक रूप से देश का नंबर वन राज्य बनाने के रोडमैप पर काम कर रही है.
