गाजीपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को चौंका कर रख दिया है. दरअसल, यहां पर एक आरोपी के बयानों का सुन पूरा कोर्ट हैरान रह गया है, जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सजा और 50000 रुपये का अर्थदंड जुर्माना लगाया है.
मामले की जानकारी के अनुसार, गाजीपुर जनपद बारा गांव का निवासी अमजद खान, मासूम भांजा दानियाल के साथ में खेल रहा था. अचानक ही खेलते-खेलते अमजद ने किसी बात पर मासूम का गला रेत दिया. आरोपी ने यह आरोप 2021 में किया था.
अपर सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह की सुनवाई में कोर्ट ने अमजद खान, उसके भाई-बहन और परिवार की गवाही ली. न्यायाधीश शक्ति सिंह ने इस दौरान आरोपी से पूछा कि आपको अपने किए का पछतावा है भी या नहीं. तो आरोपी के जवाब को सुन पूरा कोर्ट दंग रह गया. दरअसल, आरोपी ने बोला कि उसे अपने किए का कोई भी पछतावा नहीं है. जो भी मुझसे उलझेगा उसे जान से मार दूंगा.
आरोपी की बात को सुन जज ने कहा कि ऐसी बातों का सुनने के बाद में, भविष्य में सुधार की कोई भी गुंजाइश नहीं लग रही है. इसी वजह से इसे दुर्लभतम से दुर्लभतम श्रेणी में रख, आरोपी को फांसी और 50000 रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई जाती है. जज ने सजा सुनाने के बाद में कलम को तोड़ दिया था. उन्होंने कहा कि एक मां ने अपनी आंखों के सामने 4 वर्षीय मासूम की हत्या होती देखी, जिसे शब्दों में बता पाना मुश्किल है. कुल 9 लोगों गवाह के रूप में पेश किए गए, जिसमें से 4 मृतक के घरवाले थे. परिवार वालों की गवाही में किसी भी तरीके का क्षमा करने का मामला नहीं आया था. इसी कारण से यह फैसला सुनाया गया है.
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