NEET FIR Withdrawal: नीट पेपर लीक विरोध-प्रदर्शन में शामिल छात्रों को राहत देते हुए बिहार और असम के बाद अब महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार ने भी आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने का फैसला किया है.

NEET FIR Withdrawal: नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में हुए आंदोलन में शामिल छात्रों के लिए एक अच्छी खबर आई है. केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच बनी सहमति के बाद अब राज्यों में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जा रहे हैं. बिहार और असम के बाद अब महाराष्ट्र सरकार ने भी इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इससे हजारों आंदोलनकारी छात्रों को कानूनी कार्रवाई से बड़ी राहत मिलने वाली है.
महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के गृह विभाग को तुरंत निर्देश दे दिए हैं. उन्होंने नीट आंदोलन के दौरान छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है. सरकार के इस फैसले से राज्य के उन सभी युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी जो पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे. अब छात्रों को पुलिस और अदालत के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे.
केंद्र सरकार के आश्वासन पर अमल
यह पूरा कदम उस वादे का हिस्सा है जो केंद्र सरकार ने छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान किया था. बैठक में तय हुआ था कि बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की राज्य सरकारों में दर्ज सभी मामले खारिज किए जाएंगे. केंद्र सरकार के इसी आश्वासन को पूरा करने के लिए महाराष्ट्र में प्रक्रिया तेजी से लागू की जा रही है. बाकी राज्यों में भी जल्द ही ऐसे आदेश जारी हो सकते हैं.
बिहार सरकार ने भी दी राहत
महाराष्ट्र से पहले बिहार सरकार ने भी छात्रों के हक में ऐसा ही बड़ा फैसला लिया था. बिहार में नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ बहुत उग्र प्रदर्शन हुए थे. वहां की सरकार ने 26 जुलाई 2026 की शाम तक दर्ज सभी शिकायतों, नोटिस और एफआईआर को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. इसके साथ ही हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा करने के निर्देश भी दे दिए गए थे.
छात्रों का भविष्य सुरक्षित करने की कोशिश
इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के करियर को पुलिस मुकदमों के डर से बचाना है. एफआईआर दर्ज होने की वजह से कई छात्रों के भविष्य और नौकरियों पर संकट मंडरा रहा था. अब मुकदमों की वापसी और दंडात्मक कार्रवाई न करने के फैसले से छात्र बिना किसी तनाव के अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे पाएंगे. राज्यों का यह कदम युवाओं के प्रति सरकार के सकारात्मक रुख को दर्शाता है.
