Pralhad Joshi Bilkis: बिलकिस बानो मामले के दोषियों की रिहाई का समर्थन करने वाले पुराने बयान को लेकर नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर राहुल और प्रियंका गांधी ने तीखा हमला बोला है.

Pralhad Joshi Bilkis: बिलकिस बानो मामले में दोषियों की रिहाई को लेकर दिए गए पुराने बयान की वजह से देश के नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी घिर गए हैं. विपक्ष इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमला बोल रहा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा दोनों ने ही इस फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे सवाल दागे हैं. पूरे विवाद को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि आखिर प्रह्लाद जोशी ने क्या कहा था.
प्रह्लाद जोशी ने आखिर क्या बयान दिया था?
बिलकिस बानो केस में जब दोषियों को जेल से रिहा किया गया था, तब प्रह्लाद जोशी ने उनका बचाव किया था. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उन्हें इस फैसले में कुछ भी गलत नहीं लगता. उन्होंने तर्क दिया था कि यह कानून की एक सामान्य प्रक्रिया है. उनका कहना था कि जो लोग जेल में काफी लंबा समय बिता चुके हैं, उनकी रिहाई के लिए कानून में साफ तौर पर प्रावधान बने हुए हैं. इसी पुराने बयान के सामने आने के बाद अब विवाद बढ़ गया है.
राहुल गांधी ने नए शिक्षा मंत्री पर क्या आरोप लगाए?
संसद के बाहर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री बनाए जाने का कड़ा विरोध किया. उन्होंने कहा कि देश के लाखों युवा और छात्राएं शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके बावजूद सरकार ने एक ऐसे व्यक्ति को इतना बड़ा पद दे दिया जिसने बलात्कारियों का समर्थन किया था. राहुल गांधी ने इसे हैरान करने वाला फैसला बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पास कई विकल्प थे, लेकिन फिर भी उन्होंने ऐसे नेता को चुना.
प्रियंका गांधी ने संसद में पीएम मोदी को कैसे घेरा?
प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सदन के भीतर इस मुद्दे को पूरे जोर-शोर से उठाया. उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि एक गर्भवती महिला के साथ अपराध करने वालों की रिहाई का समर्थन करने वाले व्यक्ति को सरकार में इतनी बड़ी जिम्मेदारी क्यों दी गई. प्रियंका ने कहा कि इस फैसले से देश की करोड़ों बेटियों और लड़कियों के बीच क्या संदेश जाएगा. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ऐसे फैसलों से महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मिली नई जिम्मेदारी
यह पूरा विवाद तब सामने आया जब 25 जुलाई को नीट (NEET) पेपर लीक मामले के विरोध के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. कॉकरोच जनता पार्टी की मांग और बढ़ते जनआक्रोश के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने पद छोड़ा. इसके तुरंत बाद केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को देश के नए शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंप दिया. कार्यभार संभालते ही उनके पुराने बयानों को लेकर अब राजनीतिक घमासान मच गया है.
