राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर हरिद्वार में संतों ने ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय को घेरा है. उन्होंने चंपत राय की कार्यशैली के ऊपर सवाल उठाए हैं. संतों ने कहा कि चंपत राय अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं.

संतों ने चंपत राय पर उठाए सवाल
अयोध्या राम मंदिर चोरी मामले में लगातार चर्चाएं हो रही हैं. अब इस मामले में हरिद्वार में साधु-संतों ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय की कार्यशैली के ऊपर सवाल उठाए हैं. साधुओं ने कहा कि चंपत राय अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं और वे अपनी ठीकरा दूसरे के सिर पर नहीं फोड़ सकते हैं. चंपत राय की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए श्री पंचायती उदासीन बड़ा अखाड़ा राजघाट कनखल के महंत सूर्यांश मुनि महाराज ने कहा कि मामले में जांच चल रही है और यह कहना गलत है कि हमारी जिम्मेदारी नहीं है हमारे कर्मचारी या सहयोगी की जिम्मेदारी है.
चंपत राय जिम्मेदारी से बच नहीं सकते
इस दौरान उन्होंने कहा कि जब चोरी हो रही थी, तो आप आपने दायित्वों का निर्वहन क्यों नहीं कर रहे थे और अब जिम्मेदारी अपने सहयोगी पर डालना गलत है. उन्होंने चंपत राय को घेरते हुए कहा कि आप अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते और आपका सहयोगी भी नहीं बच सकता है. उन्होंने इस दौरान कहा कि अगर हमारे अखाड़े में चोरी होती है और हम यह कह दें कि कर्मचारी दोषी है, तो इससे काम नहीं चलेगा.
‘मंदिर ट्रस्ट में संतों को रखना चाहिए’
महंत सूर्यांश मुनि महाराज ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट में गृहस्थी वाले या किसी अन्य व्यक्ति को रखने की बजाय वहां पर संतों को रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब संत रहेंगे तो चोरी नहीं होगी. इस दौरान उन्होंने कहा कि हनुमान मंदिर संतों के जिम्मे है और वहां पर चोरी नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि संत अपने मंदिर आश्रम या फिर अखाड़े के लिए काम करते हैं.
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