उत्तराखंड में मानसून की एंट्री हो गई है और कई इलाकों में भारी बारिश देखने को मिल रही है. संभावित खतरों को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी और राज्य सरकार ने अधिकारियों को कई निर्देश दिए हैं. केदारनाथ यात्रा मार्ग पर कई खतरनाक इलाकों को चिह्नित किया गया है.

उत्तराखंड में मानसून की दस्तक
उत्तराखंड में मानसून ने दस्तक दे दी है और राज्य में बारिश शुरू हो गई है. राज्य के कई क्षेत्रों से लैंडस्लाइड की खबरें भी सामने आई हैं. कई जगहों पर पहाड़ों से मलबा और पत्थर गिर रहे हैं. मौसम में आए बदलाव का असर अब केदारनाथ यात्रा पर भी देखने को मिल रहा है. आपको बता दें कि राज्य में मानसून की एंट्री के साथ ही मौसम का मिजाज बदल गया है.
केदारनाथ मार्ग पर कई खतरनाक इलाके
आपको बता दें कि केदारनाथ मार्ग पर कई खतरनाक इलाकों को चिह्नित किया गया है. उत्तराखंड की धामी सरकारी और प्रशासन लगातार स्थिति के ऊपर नजर बनाए हुए है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए CCTV सेंटर्स के माध्यम से उनकी आवाजाही पर लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है. उत्तराखंड प्रशासन किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए तैयार नजर आ रहा है.
अगले 4 दिनों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तराखंड में अगले 4 दिनों तक बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. इसको देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं. विभाग के मुताबिक 5 जुलाई से 8 जुलाई के बीच में राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है. आपको बता दें कि 5 जुलाई को कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश
संभावित खतरों को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों के साथ पुलिस, SDRF, PWD, BRO को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं. साथ ही ट्रेकिंग गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखने के साथ जरूरत पड़ने पर रोकने के लिए निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ निर्देश दिए हैं कि अधिकारियों को अपना मोबाइल हर समय चालू रखना है और किसी भी आपदा की सूचना तत्काल देनी है.
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