सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की हालत काफी बिगड़ती जा रही है. 28 जून से वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए है. ऐसे में दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, हाईकोर्ट ने बुधवार के दिन केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है.
उनकी जान पर हुआ खतरा
जानकारी के मुताबिक, वकीश राकेश कुमार सैनी की तरह से एक याचिका दायर की गई, जिसमें कहा गया था कि वांगचुक का वजन 8.5 किलो कम हो चुका है. उनकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ते जा रही है. याचिकाकर्ता ने मेडिकल विशेषज्ञों की राय भी दिखाई, जिसमें उनके भूख हड़ताल को जान पर खतरा बोला गया है. याचिका में केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश देने की मांग करते हुए कहा गया है कि वांगचुक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए. साथ ही उनकी जरूरत के अनुसार लिक्विड डाइट, मिनरल और अन्य पोषक तत्त्व दिया जाना चाहिए. उन्हें तुरंत मेडिकल मदद दी जाए. अगर किसी सामाजिक कार्यकर्ता की भूख हड़ताल की वजह से मौत हो जाती है. तो यह काफी गंभीर स्थिति को दिखाएगा. इसी कारण से जवाबदेही की मांग करने वाले इस याचिकाकर्ता ने जीवन और अधिकार की रक्षा के लिए तुरंत हस्तक्षेप करने के लिए बोला है.
लोगों में बढ़ा गुस्सा
याचिकाकर्ता द्वारा दायर की गई याचिका फिलहाल टल गई है. वकीलों की हड़ताल की वजह से ऐसा हुआ है. हालांकि, हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और केंद्र को नोटिस जारी किया है. साथ ही केंद्र ने वकील को सरकार से तुरंत निर्देश लेने के लिए कहा है.
बता दें कि सोनम वागचुंक और कॉकरोच जनता पार्टी शिक्षा मंत्री से इस्तीफा देने के लिए बोल रहे हैं. अभी तक लेकिन सरकार ने इस मुद्दे पर कोई भी संज्ञान नहीं लिया है. न ही किसी तरीके का रिएक्शन दिया है. ऐसे में उनकी तबीयत बिगड़ने पर लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिल रहा है.
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