Maulana Jjarjis Ansari Controversy Statement: इटावा के मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना जर्जिस अंसारी ने फिर विवाद खड़ा कर दिया है. इस बार उन्होंने ऐसा विवादित बयान दिया है, जिससे न सिर्फ धार्मिक और सामाजिक संगठन भड़क गए हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है. दरअसल, कृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा के गर्माने के बीच मौलाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
श्री कृष्णा को मुसलमान बताया
झारखंड में की गई तकरीर में मौलाना जर्जिस ने श्री कृष्णा को मुसलमान बताया है. उन्होंने कहा कि कृष्ण भी नमाज पढ़ते थे. मौलाना ने भगवद गीता के एक श्लोक का गलत अर्थ बता श्री कृष्ण को पांच वक्त का नमाजी बताया है. मौलाना जर्जिस ने कहा कि श्री कृष्ण भी मुस्लिम थे. उन्होंने ईश्वर की इबादत की और वे नमाज अदा करते थे. वह दीन और मुस्लिम धर्म का प्रचार करते थे.इतना ही नहीं मौलाना ने तो श्री राम को भी इस्लाम मानने वाला बताया है.
VIDEO सोशल मीडिया पर वायरल
अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह वायरल वीडियो 23 जून की तकरीर का बताया जा रहा है. श्रीकृष्ण को लेकर मौलाना के कथित बयान पर अब बवाल शुरू हो गया है. इस बयान के बाद महंत विष्णुदास ने कड़ी आपत्ति जताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है. संतों ने इसे हिंदू धर्म की आस्था का अपमान करार दिया है और कहा है कि ऐसे निराधार बयान भाईचारे को नुकसान पहुंचाते हैं. इस मामले पर धार्मिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो रही है और विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी राय रख रहे हैं.
कृष्ण जन्मभूमि विवाद से जुड़ा मामला
बता दें, यह विवाद मथुरा में 13.37 एकड़ जमीन पर बने श्री कृष्ण मंदिर और शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़ा हुआ है. हिंदू पक्ष का दावा है कि औरंगजेब ने प्राचीन केशवदेव मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनवाई थी, जिसे हटाने और जमीन सौंपने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं. सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी, मथुरा और संभल के विवादों को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों को विशेष लोक अदालत के जरिए बातचीत का प्रस्ताव दिया है. हालांकि दोनों पक्षों ने मध्यस्थता के जरिए समाधान के बजाय अदालत के फैसले को प्राथमिकता दी है.
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