नीट पेपर लीक का मामला अभी शांत नहीं हुआ है. आखिर पेपर कब कैसे और कहा से लीक हुआ है, इसकी परत दर परत जांच करने के लिए CBI को बोला गया था. CBI ने इसी बीच एक बड़ा खुलासा किया है. दरअसल, पेपर मुख्य रूप से महाराष्ट के लातूर से लीक हुआ था. इस मामले में मुख्य आरोपी कोचिंग सेंटर का मालिक है.
कैसे हुआ पेपर लीक
जांच में सामने आया कि महाराष्ट्र के लातूर में संचालित कोचिंग सेंटर का मालिक शिवराज रधुनाथ मोटेगांवकर इसका मुख्य आरोपी है. उसने परीक्षा से पहले केमिस्ट्री के प्रश्न पेपर हासिल किए थे. जांच में सामने आया है कि शिवराज ने यह प्रश्न पत्र पी.वी. कुलकर्णी से प्राप्त किए थे. दरअसल, कुलकर्णी एनटीए के प्रश्व पत्र तैयार करने वाले पैनल से जुड़ा हुए थे. कुलकर्णी के कोचिंग में मोटेगांवकर का बेटा भी पढ़ाई कर रहा था. वहीं से उसे प्रश्न पत्र मिल थे.
मोटेगांवकर के फोन से सीबीआई को 132 हाथ से लिखे सवालों की तस्वीरें मिली है, जिसमें से 111 सवाल नीट यूजी के मास्टर प्रश्नपत्र में भी है. जांच में खुलासा होने के बाद में सीबीआई ने मोटेगांवकर की जमानत याचिका को खारिज करने की मांग है. सीबीआई का कहना है कि प्रथम दृष्टि से मोटेगांवकर की भूमिका जांच में काफी महत्वपूर्ण है. इसी कारण से उन्हें जमानत देना जांच को प्रभावित कर सकता है. हालांकि, पी.वी. कुलकर्णी की भूमिका अभी तक पूरी तरीके से सामने नहीं आ पाई है. न ही सीबीआई ने उनपर लगे आरोपों की अधिकारिक घोषणा की है.
बता दें कि मई में पेपर के लीक होने की वजह से कई छात्रों ने सुसाइड कर लिया है. हालांकि, दोबारा से परीक्षा कराई गई थी, लेकिन तब तक कई बच्चों ने डिप्रेशन में सुसाइड कर लिया था. अभी के समय में कॉकरोच जनता पार्टी और सोनम वागचुंक इसी मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट कर रहे हैं. सोनम वागचुंक को भूख हड़ताल करते हुए 18 दिन हो गए है, लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से कोई भी अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इसी कारण से यह मुद्दा काफी गरमाए हुए मुद्दों में से एक है और सीबीआई इस मामले की हर एक एंगल से जांच कर रही है.
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