कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दो दिन के अनशन को तोड़ दिया है. उनका वीडियो भी सामने आया है, जो लोगों के बीच में चर्चा में है. हालांकि, अभी तक सोनम वांगचुक ने अनशन को नहीं तोड़ा है. अस्पताल भी भर्ती होने के बाद भी उन्होंने इलाज के लिए मना कर दिया है. उनका कहना है कि वह अनशन तीन शर्तों को मानने के बाद ही तोड़ेंगे.
क्या है तीन शर्ते
सोनम वांगचुक ने डिमांड की है कि अगर सरकार इन तीन शर्तों को मान लेगी तो वह अपना अनशन तोड़ देंगे. अभी तक लेकिन सरकार की कोई भी प्रतिक्रिया इस मामले में सामने नहीं आई है. वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के दो प्रवक्ता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के पास में बातचीत के लिए गए है. जिस पर कॉकरोच जनता पार्टी ने मजाकिया अंदाज में सोशल मीडिया पर ट्वीट कर सरकार पर तंज कसा है. पार्टी ने एक्स पर कहा कि मामला शिक्षा मंत्री का है और संभाल स्वास्थ्य मंत्री रहे हैं. अब देखना यह है कि दोनों के बीच में आखिर कौन सी बातचीत होगी, जिससे की सोनम वांगचुक अपना अनशन तोड़ दें.
उनकी पहली शर्त है कि सरकार शिक्षा प्रणाली की हाल ही की नाकामियों और पेपर लीक की घटनाओं की जिम्मेदारी लें. वहीं, उनकी दूसरी शर्त है कि मानसून सत्र में सभी अलग-अलग पार्टियां और सांसद शिक्षा में जवाबदेही के मुद्दे को उठाए. सोनम वांगचुक की तीसरी शर्त यह है कि अगर वह स्वास्थ्य कारणों की वजह से संसद तक नहीं पहुंच पाते है, तो नेता और सांसद उनसे मिलने के लिए अस्पताल में आए और उन्हें आश्वासन दें.
अब देखना यह है कि सरकार का फैसला आखिर क्या रहता है. वहीं, आज जंतर-मंतर पर 23 दिन से बैठे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन(AISA) के तीन छात्रों ने भी अपना अनशन तोड़ दिया है. अनशन करने वालों का कहना है कि वह सभी लोगों को एकजुट करना चाहते थे और उन्होंने वह काम कर दिया है. उनका अनशन सफल हो गया है. हालांकि, सभी की नजरें सोनम वांगचुक पर टिकी हुई है.
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