CJP के संसद मार्च के बाद में प्रधानमंत्री मोदी का पहली बार बयान सामने आया है. उन्होंने यह बयान संसदीय दल की बैठक में दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ में बिल्कुल भी खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा. पेपर लीक के दोषी को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी. बता दें कि इतने दिन से हो रहे प्रदर्शन और संसद मार्च के बाद पहली बार प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे पर बयान दिया है.
दोषियों को सख्त से सख्त सजा
पीएम मोदी ने संसदीय दल की बैठक में कहा है कि पेपर लीक राजनीति का विषय नहीं. छात्रों के भविष्य का नुकसान न हो इसी कारण से री-एग्जाम लिया गया है. उसको सफलतापूर्वक पूरा कराया गया. पेपर लीक वाले मामले में सरकार की ओर से तुरंत कार्रवाई की गई थी. छात्रों को लेकर सरकार हमेशा संवेदनशील है. मामला केवल केंद्र सरकार का नहीं है. दोषियों को सजा दिलाने के लिए सभी लोगों को एकजुट होना होगा. आगे ऐसा न हो इसी कारण से ऐसा इंतजाम किया गया है.
युवाओं को गया खदेड़ा
पीएम मोदी का बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए संसद मार्च कर रहे हैं. 20 जुलाई के दिन में संसद मार्च किया गया है, जिसमें लाखों की संख्या में छात्र शामिल थे. दिल्ली पुलिस ने उन्हें संसद के पास जाने के दौरान में खदेड़ भी दिया था. आरएएफ ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले दागे और उसके बाद में खदेड़ दिया.
किसान अपना मुद्दा लेकर पहुंचे जंतर-मंतर
कल के दिन सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका भी स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर बातचीत करके आए है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि वह उनकी मांगों का सरकार से विचार विमर्श करेंगे. उनको लिखित ज्ञापन भी सौंपेंगे. सीजेपी के प्रतिनिधियों ने शाम 4 बजे केंद्रीय मंत्री को लिखित ज्ञापन दिया था. हालांकि, मुद्दा घटने की बजाए बढ़ते जा रहा है. किसान भी अब अपना मुद्दा लेकर जंतर-मंतर आते दिखाई दे रहे हैं.
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