Kanwar Yatra 2026: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में कांवड़ यात्रा की समीक्षा बैठक करते हुए अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और बेहतर व्यवस्था के कड़े निर्देश दिए.

Kanwar Yatra 2026: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवड़ यात्रा को लेकर एक बड़ी बैठक की है. यह बैठक हरिद्वार के मेला नियंत्रण भवन में आयोजित की गई. इसमें उन्होंने अधिकारियों को यात्रा से जुड़ी सभी तैयारियां वक्त पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि राज्य सरकार के लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सबसे ऊपर है. इस बार 30 जुलाई से कांवड़ यात्रा की शुरुआत हो रही है.
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर जोर
बैठक के दौरान सीएम धामी ने कहा कि इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. इसीलिए व्यवस्थाओं में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए. उन्होंने महिला श्रद्धालुओं के लिए जगह जगह साफ सुथरे पिंक टॉयलेट्स बनाने के निर्देश दिए. साथ ही पूरे कांवड़ मार्ग पर पानी, रोशनी और साफ सफाई के पुख्ता इंतजाम करने को कहा. यात्रा खत्म होने के तुरंत बाद सफाई अभियान चलाकर क्षेत्र को पहले जैसा बनाने का हुक्म भी दिया गया है.
सुरक्षा के लिए एआई और ड्रोन का इस्तेमाल
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा. पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और एआई (AI) तकनीक से निगरानी रखी जाएगी. सीएम ने साफ हिदायत दी है कि माहौल बिगाड़ने वालों और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. घाटों पर जल पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें पूरी तरह तैनात रहेंगी.
ट्रैफिक और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था
कांवड़ यात्रियों और आम लोगों के लिए अलग से ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी हाल में वीआईपी मूवमेंट की वजह से आम श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा पूरे रास्ते में मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम मौजूद रहेगी. प्रमुख घाटों पर आपात स्थिति से निपटने के लिए वाटर एंबुलेंस की सुविधा भी दी जाएगी.
खान पान की जांच और महाकुंभ का ध्यान
दुकानों और ढाबों पर मिलने वाले खाने की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाएगी. सभी दुकानों पर उनका लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन साफ तौर पर लिखा होना चाहिए. सीएम धामी ने यह भी कहा कि कांवड़ यात्रा की तैयारियों के बीच महाकुंभ 2027 के विकास कार्यों में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए. दोनों कामों के बीच सही तालमेल बनाकर काम आगे बढ़ाया जाए.
