दिल्ली के जंतर-मंतर का मामला भले ही खत्म हो चुका है, लेकिन 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई चीजें अभी भी चर्चा का विषय बनी हुई है. दरअसल, राहुल गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेटर लिख छात्रों पर हुए बल प्रयोग का मामला उठाया. साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों के ऊपर प्रयोग किए गए पेलेट गन का मुद्दा भी उठाया था, जिसके बाद मामला गंभीर रूप लेते नजर आ रहा है.
पेलेट गन से प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग
सूत्रों के अनुसार, 2 जुलाई के दिन आरएएफ जवानों ने प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन से फायरिंग की थी. इसी कारण से तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए. वहीं, एक छात्रा की एक आंख की रोशनी पेलेट गन से जाने की बात की जा रही है. सीआरपीएफ डीजी जीपी सिंह की जानकारी के मुताबिक, अब यह जानने की कोशिश की जा रही है कि किन परिस्थितियों में फायरिंग की गई थी. क्या जवानों ने एसओपी का पालन किया था? अगले दो दिनों में सीआरपीएफ का आधिकारिक बयान भी लिया जाएगा.
बिना वर्दी के भी दिखाई दिए थे पुलिस वाले
हालांकि, पेपर लीक विवाद में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल लोगों पर केवल पेलेट गन का ही नहीं बल्कि लाठीचार्ज भी किया था. उनके ऊपर आंसू गैस के गोले भी दागे गए थे. वहीं, कई वायरल वीडियो में भी देखने को मिला था कि पुलिसकर्मी बिना वर्दी पहले हाथ में लाठी लिए खड़े थे. साथ ही किसी-किसी व्यक्ति की लाठियों में कीले लगने की बात भी सामने आई थी. विपक्ष ने इस मामले को संसद में भी उठाया है. साथ ही इस मामले पर सख्त कार्रवाई की बात भी की है. हालांकि, जांच होने के बाद ही मामले के बारे में आगे कुछ कहा जा सकता है.
ये भी पढ़ें: दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर दो गाड़ियों की भीषण टक्कर, हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत,कई घायल
