एक तरफ देश आगे बढ़ रहा है. तो दूसरी तरफ कुछ ऐसे केस सामने आते है, जिससे की लगता है कि अभी भी किसी न किसी में यह मानसिकता भरी हुई है. दरअसल, बेटियों को पढ़ाने से लेकर उनको पालने तक के लिए सरकार कई योजनाएं लाती है, लेकिन अभी भी कई लोगों के मन से बेटे का लालच कम नहीं हुआ है. मामला राजस्थान के जयपुर-दिल्ली राजमार्ग के पास में स्थित अस्पताल का है. यहां पर 34 साल के रवि कुमार यादव ने अपनी ही 13 घंटे की नवजात बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी है. बच्ची की रोने की आवाज एकदम से शांत हुई तो सभी को यहीं लगा कि बच्ची सो गई है. नर्स ने लेकिन जब पास देखा तो वह पूरी तरीके से चौंक गई. बच्ची सोयी नहीं थी बल्कि उसके पिता ने उसका गला घोंट उसके जीवन के शुरू होते ही हत्या कर दी.
आरोपी पिता कोटपूतली के बहरोड़ जिले का रहने वाला है. वह एक प्राइवेट कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता है. रवि की पत्नी 27 जुलाई के दिन प्रसव का दर्द होने पर अस्पताल में भर्ती हुई थी. 28 जुलाई के दिन बच्ची सिजेरियन ऑपरेशन से पैदा हुई. जानकारी के मुताबिक दोनों की पहले भी दो बेटियां है. मां को आराम देने के लिए बच्ची को पिता के पास में छोड़ दिया गया था.
हालांकि, जिस पिता को जिम्मेदारी मिली वहीं इतना बड़ा कदम उठाएगा किसी को भी नहीं लगा था. अस्पताल कर्मचारियों की दी जानकारी के मुताबिक, रात करीब 3 बजे बच्ची अचानक ही बहुत ज्यादा रोने लगी थी. काफी देर रोने के बाद अचानक ही वह चुप हो गई है. नर्सिग स्टाफ को कुछ अजीब लगा, जिसके बाद उन्होंने बच्ची की जांच की. चेक करने पर पता लगा कि बच्ची की मौत हो चुकी थी.
बच्ची की खबर सुन पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया. अस्पताल वालों ने तुरंत पुलिस को कॉल कर मामले की जानकारी दी. पुलिस पूछताछ में पिता ने हत्या की बात को कबूल किया है. बच्चे के दादा अपनी पोती का शव लेकर भटक रहे हैं. वह काफी सदमे में है.
ये भी पढ़ें: Datia Bypoll 2026: दतिया में 48.91% मतदान, कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग
