झांसी में जमीन के विवाद ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया. यहां एक पिता की मौत के बाद बेटे और बेटी में जमीन का विवाद हो गया, जिसके कारण व्यक्ति का अंतिम संस्कार 39 घंटों तक नहीं हुआ.
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आयी है. यहां एक व्यक्ति की मौत के बाद उसका परिवार अंतिम संस्कार की जगह जमीन के बंटवारे को लेकर आपस में उलझा रहा. बताया जा रहा है कि लगभग 39 घंटे तक मृतक का शव घर में पड़ा रहा और बेटे-बेटी के बीच जमीन वापस करने को लेकर विवाद चलता रहा.
बेटी के नाम की थी 2 बीघा जमीन
जानकारी के मुताबिक पूरी घटना समथर थाना क्षेत्र के चिरगांवखुर्द गांव का है. यहां ठाकुरदास कुशवाहा की गुरुवार को सुबह लगभग 4 बजे मौत हो गई थी. परिवार वालों के मुताबिक मौत से कुछ समय पहले व्यक्ति ने अपनी 5 बीघा जमीन में से 2 बीघा जमीन बेटी अंगूरी के नाम रजिस्टर्ड करा दी थी. पिता की मौत के बाद दोनों बेटों ने इस जमीन को लेकर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि जब तक बहन जमीन उनके नाम वापस नहीं करेगी तब तक पिता का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा.
जमीन वापस करने को तैयार हुई बेटी
बताया जा रहा है कि पिता का शव घर में रखा रहा, लेकिन परिवार में शोक के बजाय जमीन को लेकर विवाद चलता रहा. इस दौरान रिश्तेदारों और गांव के लोगों ने भी परिवार को समझाने की कोशिश की. हालांकि इसके बाद बेटी जमीन वापस करने के लिए तैयार हो गई. जिसके बाद परिवार जमीन की रजिस्ट्री वापस कराने के लिए मोठ स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचा. जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को तकनीकी दिक्कत के कारण रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पायी, जिसके कारण अंतिम संस्कार में और देरी हो गई.
लिखित समझौते के बाद शांत हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक बाद में बैनामा वापस करने को लेकर लिखित समझौता कराया गया. समझौते के बाद परिवार के बीच चल रहा विवाद शांत हुआ और लगभग 39 घंटे बाद ठाकुरदास के शव का अंतिम संस्कार किया गया. यह मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का विषय बन गया है. लोग इस बात को लेकर हैरानी जता रहे हैं कि पिता की मौत के बाद भी परिवार जमीन के विवाद में इतना उलझा रहा कि अंतिम संस्कार तक रोक दिया गया.
