भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक मुकदमा दायर किया है. दुष्यंत कुमार गौतम ने साल 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े हुए झूठे और अपमानजनक आरोपों में दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है. दुष्यंत गौतम का दावा है कि इस मामले में उन्हें सोशल मीडिया पर गलत तरीके से जोड़ा गया है. जिससे उनकी राजनीतिक और व्यक्तिगत छवि को नुकसान हुआ है. इसके साथ ही उन्होंने मुआवजे के तौर पर 2 करोड़ रुपए और कोर्ट से इस तरह की अपमानजनक सामग्री आगे फैलने से और उसे हटाने की मांग की है.
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा है मामला
दुष्यंत कुमार गौतम के दिल्ली हाई कोर्ट में मुकदमा दायर करने के पीछे का पूरा विवाद अंकिता भंडारी हत्याकांड से शुरू होता है. अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड में सितंबर साल 2022 में हुआ था. अंकिता भंडारी 19 साल की थी और पौड़ी जिले के वनंत्रा रिजॉर्ट में काम करती थीं. वहां वह रिसेप्शनिस्ट थीं. इस रिजॉर्ट का मालिक भाजपा के पूर्व नेता का बेटा पुलकित आर्य था. ऐसा आरोप है कि अंकिता भंडारी के ऊपर रिजॉर्ट में आए ग्राहकों को यौन सेवाएं देने के लिए दबाव डाला जाता था. जिसके बाद में जब उसने इस चीजों से मना किया तो उसकी हत्या करके अपराधियों ने उसके शव को नहर में फेंक दिया था.
क्या है पूरा मामला?
अंकिता भंडारी मामले में पुलिस ने जांच करके पुलकित आर्य के साथ 2 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. दिसंबर साल 2025 में यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया. भाजपा से पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर ने एक ऑडियो क्लिप वायरल किया जिसमें यह दावा किया जा रहा था, कि अंकिता भंडारी के साथ में यौन संबंध बनाने की मांग करने वाला एक “वीआईपी” भाजपा का बड़ा नेता था. इस ऑडियो क्लिप में दुष्यंत कुमार गौतम के साथ एक और बड़े नेता का नाम लिया गया था. जिसके बाद में यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी के साथ में वायरल हो गई जिसके बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इस मामले को दुष्यंत गौतम से जोड़ दिया.
फिर सुर्खियों में आया मामला
दुष्यंत गौतम ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से झूठा बताया और उनका कहना है कि यह ऑडियो क्लिप AI-जनरेटेड या फर्जी है. उनका कहना है कि जांच करने वाली एजेंसियों ने इस मामले के साथ कभी भी उन्हें नहीं जोड़ा है और न कोई सबूत है कि गौतम का इस मामले से कोई लेना-देना है. गौतम का कहना है कि यह एक राजनीतिक साजिश है, जिसके चलते उनकी अवि को खराब किया जा रहा है. 24 दिसंबर 2025 के बाद से ये वीडियो, रील्स और पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी तेजी के साथ में वायरल होने लगे. जिससे सोशल मीडिया ट्रायल जैसी स्थितियां बन गईं. उत्तराखंड पुलिस ने सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ झूठी जानकारी और अश्लील कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में FIR भी दर्ज की है. उर्मिला सनावर के ऊपर इससे पहले भी धार्मिक और जातीय उन्माद फैलाने के आरोप में कई केस चल रहे हैं.
पहले भी दी थी धमकी
दुष्यंत कुमार गौतम ने पहले भी धमकी दी थी कि ने मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे. जिसके बाद गौतम ने 5 जनवरी 2026 के आस-पास में दिल्ली हाई कोर्ट में सिविल सूट फाइल कर दिया. दुष्यंत गौतम ने देहरादून के दलनवाला पुलिस स्टेशन में भी उर्मिला सनावर के साथ कई लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की है. दुष्यंत गौतम ने वकील गौरव भाटिया के माध्यम से दिल्ली हाई कोर्ट में मुकदमा दायर किया है.
किन लोगों के खिलाफ दायर किया है मुकदमा?

दुष्यंत कुमार गौतम ने दिल्ली हाई कोर्ट में कुल 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है, लेकिन मुख्य रूप से 9 व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ 2 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की गई है. इस मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी शामिल किया गया है, जिसके चलते इससे कंटेंट को हटाया जा सके. इस मामले में इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है-
उर्मिला सनावर
उर्मिला सनावर खुद को भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताती हैं. इन्होंने ही सोशल मीडिया पर ऑडियो क्लिप जारी किया था.
सुरेश राठौर
भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश ने इस क्लिप को AI-जनरेटेड बताया था, लेकिन वह भी इस मामले में शामिल हैं.
इंडियन नेशनल कांग्रेस (राष्ट्रीय कांग्रेस)
इस मुकदमे में कांग्रेस पार्टी को दुष्यंत गौतम के खिलाफ आरोपों को फैलाने में जिम्मेदार बताया गया है.
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी
इस मामले में उत्तराखंड की प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भी शामिल किया गया है.
गणेश गोदियाल
गणेश गोदियाल उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी के राज्य अध्यक्ष हैं.
आम आदमी पार्टी
इस मामले में आम आदमी पार्टी पर भी मुकदमा दायर किया गया है, क्योंकि पार्टी के कुछ सदस्यों ने सोशल मीडिया पर आरोप शेयर किए थे.
आलोक शर्मा
कांग्रेस के राष्ट्रीय मीाडिया पैनलिस्ट आलोक शर्मा के खिलाफ भी इस मामले में मुकदमा दायर किया गया है.
मोहित चौहान
मोहित चौहान एक एक्स यूजर हैं, इनके खिलाफ सामग्री फैलाने का आरोप है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स
इन लोगों के साथ में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म को भी प्रतिवादी बनाया गया है. जिससे वहां से अपमानजनक वीडियो, पोस्ट और लिंक हटाए जा सकें.
दुष्यंत कुमार गौतम ने इस केस में मांग की है कि से सभी लोग और उनके एजेंट, प्रतिनिधि या उत्तराधिकारी आगे से किसी भी तरह की कोई अपमानजनक कंटेंट और सांग्री न फैलाएं. दिल्ली हाई कोर्ट में फीस के रूप में लगभग 1,97,613 रुपए भी जमा किए गए हैं.
यह भी देखें- https://youtu.be/S779DDBFv-o?si=33lXoRJ5kKeLfLBh










