Bihar Nuclear Power Plant: बिहार में कोयला के बाद अब परमाणु ऊर्जा से बिजली बनाने की तैयारी हो रही है, जिसमें एनटीपीसी अहम भूमिका निभा रही है. अगर यह परियोजना मंजूर होती है तो राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार व विकास के नए अवसर पैदा होंगे.

Bihar Nuclear Power Plant: बिहार में ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ने वाला है. कोयला आधारित बिजली उत्पादन के बाद अब राज्य में परमाणु ऊर्जा से बिजली बनाने की तैयारी की जा रही है. देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन कंपनी एनटीपीसी इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है. सरकार का टारगेट है कि भविष्य में बिजली के स्रोतों को और मजबूत व विविध बनाया जाए, ताकि आने वाले वर्षों में बढ़ती जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सके. इसी योजना के तहत बिहार का नाम भी परमाणु पावर प्रोजेक्ट की संभावित जगहों में शामिल किया गया है.
परमाणु रिएक्टर लगाने की दिशा में करेगी काम
एनटीपीसी ने तय किया है कि वह 2032 तक करीब दो गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने का काम करेगी. इसके लिए कंपनी दुनिया की कई बड़ी ऊर्जा कंपनियों के साथ तकनीक और ईंधन को लेकर बातचीत कर रही है. जानकारी के मुताबिक, रूस की रोसाटॉम और फ्रांस की ईडीएफ जैसी कंपनियों के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. इन साझेदारियों का मकसद भारत में बड़े और सुरक्षित परमाणु रिएक्टर लगाने की दिशा में काम करना है.
इसके अलावा एनटीपीसी अमेरिका की एक कंपनी के साथ छोटे परमाणु रिएक्टरों को लेकर भी योजना बना रही है. इन छोटे रिएक्टरों को खास तौर पर सुरक्षित, लचीला और चरणों में लगाने लायक माना जाता है. यही वजह है कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इन पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है. माना जा रहा है कि इसी सिलसिले में अमेरिका से एक विशेष तकनीकी टीम भारत आ सकती है, जो परियोजना की संभावनाओं का आकलन करेगी.
बोर्ड की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा फैसला

बिहार के साथ-साथ गुजरात, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश में भी परमाणु पावर प्लांट के लिए जमीन के ऑप्शन पर विचार हो रहा है. हालांकि अंतिम फैसला परमाणु ऊर्जा नियामक और एनटीपीसी के बोर्ड की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा. बिहार में अगर यह परियोजना लगती है, तो इससे न सिर्फ बिजली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे.
एनटीपीसी की बात करें तो इसकी शुरुआत साल 1975 में एक थर्मल पावर कंपनी के रूप में हुई थी. समय के साथ कंपनी ने सोलर, हाइड्रो और अब परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी कदम बढ़ाए हैं. राजस्थान में एनटीपीसी पहले से ही एक परमाणु परियोजना पर काम कर रही है. बिहार में प्रस्तावित परमाणु पावर प्लांट राज्य को ऊर्जा के मामले में और मजबूत बना सकता है और आने वाले दशकों के लिए एक बड़ी सौगात साबित हो सकता है.
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