ChatGPT यूजर्स को बड़ा धमाका लगने वाला है. दरअसल, अब OpenAI, chatgpt इस्तेमाल करने वालों के लिए एक नया नियम लाने वाली है. इस नए नियम में उन लोगों के यूज को रोक लगाई जाएगी. जो कम उम्र के हैं. दरअसल, वह अकाउंट जो की कम उम्र के लोगों द्वारा चलाया जाएगा. उसपर अब कंटेंट की सीमाएं लागू की जाएगी. नियम के अनुसार इन यूजर्स में ऐसे कंटेंट पर रोक लगा दी जाएगी जो कि उस उम्र की सीमा के लोगों के लिए सही नहीं मानी जाएगी. यह किशोरों के दिमाग में पड़ने वाले असर को देखते हुए किया जा रहा है.
सभी तथ्यों को देखकर की जाएगी जांच
हालांकि, इस नए age prediction वाले सिस्टम में सभी जानकारियों को देखकर ही कंटेंट सीमा को लागू किया जाएगा. यानी की यह देखा जाएगा कि अकाउंट यूजर कितने समय से अकाउंट चला रहा है. वह उस पर पूरे दिन में कितना एक्टिव रहता है. साथ ही उसके बातचीत करने के तरीके से लेकर सभी तरह की चीजें देखी जाएगी. यह भी देखा जाएगा कि यूजर ने अपनी प्रोफइल में जो उम्र बताई है और बात करने के पैटर्म में कितना अंतर है.
क्या करें अगर आप नाबालिग नहीं है फिर भी कंटेंट में सीमा लग जाए
अगर कोई यूजर नाबालिग नहीं है फिर भी उसका अकाउंट बंद कर दिया जाता है. तो ऐसे में वह अपनी पहचान को सत्यापित करने के बाद उसका एक्सेस ले सकते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि कभी कभार सिस्टम में गलती होने के कारण भी टेक कंपनियों में गलती देखने को मिल सकती है. इसी कारण से Persona नाम की वेरिफिकेशन सर्विस का यूज करके वह आसानी से एक्सेस वापस ले सकते हैं.
इन कांटेंट पर लगेगी रोक
अगर किसी यूजर का अकाउंट नाबालिग पाया जाता है. तो उसमें हिंसक या ग्राफिक कंटेंट, किसी भी तरीके नुकसानदायक ऑनलाइन ट्रेंड एवं रोल-प्ले संवदेनशील विषयों पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा. शरीर को लेकर जो भी गलत धारणाएं या अस्वस्थ डाइट को आगे बढ़ावा देने वाला कंटेंट को भी नहीं दिखाया जाएगा. OpenAI ने कहा है कि बच्चों और टीनएजर्स को नुकसानदेह जानकारियों से बचाने के लिए ये सब किया जा रहा है.
OpenAI पर बच्चों की सुरक्षा से संबंधित दबावों के बढ़ने के कारण यह फैसला लिया जा रहा है. FTC जैसी संस्थाएं अब इन सब चीजों का जांच करने में लगी है कि AI का बच्चों और किशोरों के दिमाग पर इसका क्या असर होगा. बता दें कि OpenAI ने संभावना जताई है कि आने वाले समय में इस मॉडल को और अच्छा बनाया जाएगा. साथ ही यूरोपियन यूनियन में भी इसे स्थानीय नियमों के अनुसार कुछ समय में लागू कर दिया जाएगा.
