Shankaracharya Avimukteshwaranand : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आज सुबह 8.30 बजे से अपनी गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा की हनुमान चालीसा के पाठ से शुरू हो गई है. ये यात्रा वाराणसी से शुरू होकर कई जिलों से होकर गुजरेगी और 11 मार्च को लखनऊ में समाप्त होगी. गाय को राज्यमाता का दर्जा देने की मांग को लेकर यात्रा निकाली जा रही है.शंकराचार्य ने चिंतामणि गणेश मंदिर में पूजा-पाठ और फिर संकटमोचन मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद अपनी यात्रा शुरू की.
काशी की गलियों में ‘हर हर महादेव’
उनकी यात्रा के दौरान शंकराचार्य के साथ कई साधु-संत भी नजर आए. पालकी में सवार होकर वह निकले तो समर्थन में काशी की गलियों में ‘हर हर महादेव’ के नारे गूंजते रहे. ये यात्रा वाराणसी से लखनऊ तक चलेगी. बताया जा रहा है कि शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में उनका स्वागत किया जाएगा. दरअसल, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद गौ माता को राज्य माता घोषित करने की मांग कर रहे हैं. जिसे लेकर उन्होंने गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा का आगाज कर दिया है. अब 11 मार्च को एक बड़े धरना प्रदर्शन के साथ इसे खत्म करेंगे.
कहां-कहां से गुजरेगी शंकराचार्य की ये यात्रा?
7 मार्च को वाराणसी से शुरू हुई ये यात्रा जौनपुर, सुल्तानपुर, गौरीगंज और अमेठी होते रायबरेली तक पहुंचेगी. इस दौरान शंकराचार्य जौनपुर और सुल्तानपुर में सभा करेंगे. फिर रायबरेली में भी उनकी एक सभा का भी कार्यक्रम है. यहीं पर उनका रात्रि विश्राम का कार्यक्रम होगा. अगले दिन यानी 8 मार्च को वह मोहनलालगंज से लालगंज-अचलगंज में सभा करते हुए उन्नाव पहुंचकर सभा करेंगे.
गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध का शंखनाद कब होगा?
जहां 9 मार्च को शंकराचार्य बांगरमऊ और बघोली में सभा करते हुए नैमिषारण्य में सभा करेंगे और यहीं रात्रि विश्राम करेंगे, वहीं अगले दिन यानी 10 मार्च को सिंधौली और इजौटा में सभा करते हुए वह लखनऊ पहुंचेंगे. फिर 11 मार्च को मध्यान्ह 2 बजे कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर पहुंच कर गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध का शंखनाद करेंगे.
लखनऊ के कांशीराम उपवन में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद गाय को राज्य माता घोषित करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करेंगे. हालांकि इसके लिए उन्हें अनुमति दी गई है या नहीं ये अब तक साफ नहीं है.
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