tamil nadu opinion poll 2026: तमिलनाडु के नए ओपिनियन पोल में एनडीए को बहुमत मिलने और स्टालिन की सरकार गिरने का अनुमान जताया गया है. खबर है कि बीजेपी ने अभिनेता विजय को गठबंधन में शामिल होने पर उप-मुख्यमंत्री पद का प्रस्ताव दिया है, जिससे चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं.

tamil nadu opinion poll 2026: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद राजनीतिक माहौल तेजी से गर्म हो गया है. इसी बीच सामने आए एक जनमत सर्वेक्षण ने राज्य की सियासत को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. सर्वे के मुताबिक इस बार राज्य की सत्ता बदल सकती है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मौजूदा सरकार को चुनाव में बड़ा झटका लग सकता है. वहीं विपक्षी गठबंधन को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है. इससे चुनाव से पहले ही तमिलनाडु की राजनीति काफी दिलचस्प हो गई है.
मैट्राइज और आईएएनएस के सर्वे के अनुसार राज्य में सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और उसके सहयोगियों को करीब 104 से 114 सीटें मिल सकती हैं. वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को इस चुनाव में 114 से 127 सीटों के बीच जीत मिलने का अनुमान जताया गया है. इस गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी भी शामिल है. अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो राज्य में एनडीए की सरकार बन सकती है. इससे मौजूदा मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से बाहर होना पड़ सकता है.
सर्वे में एक और दिलचस्प बात सामने आई है. अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम भी इस चुनाव में असर डालती दिख रही है. अनुमान के मुताबिक विजय की पार्टी को 6 से 12 सीटें मिल सकती हैं. भले ही यह संख्या ज्यादा न हो, लेकिन इससे चुनावी समीकरण बदल सकते हैं. खासकर तब जब मुकाबला काफी करीबी हो. ऐसे में विजय की पार्टी कई सीटों पर अहम भूमिका निभा सकती है.
इसी बीच खबर सामने आई है कि भाजपा ने विजय को अपने साथ आने का खुला प्रस्ताव दिया है. सूत्रों के अनुसार भाजपा ने उन्हें गठबंधन में शामिल होने का न्योता दिया है. बताया जा रहा है कि अगर विजय एनडीए में शामिल होते हैं तो उन्हें उप मुख्यमंत्री पद का प्रस्ताव भी दिया जा सकता है. इसके अलावा उनकी पार्टी को लगभग 80 सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका देने की भी चर्चा है. अगर ऐसा होता है तो राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर विजय के सामने मुश्किल स्थिति भी बन सकती है. उनके करीबी सलाहकारों के बीच भी इस मुद्दे पर अलग-अलग राय बताई जा रही है. विजय अब तक अपनी पार्टी को तीसरे विकल्प के रूप में पेश करते रहे हैं. वह हमेशा कहते रहे हैं कि उनकी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम से अलग रास्ता अपनाएगी. ऐसे में अगर वह किसी बड़े गठबंधन में शामिल होते हैं तो उनकी राजनीतिक छवि पर असर पड़ सकता है. इसलिए आने वाले दिनों में उनका फैसला तमिलनाडु की राजनीति के लिए काफी अहम माना जा रहा है.
