indian share market crash 2026: मिडिल ईस्ट में युद्ध के तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है, जिससे टॉप 10 कंपनियों के निवेशकों को 5 दिन में 4.48 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है. सेंसेक्स 5.51% और निफ्टी 5.31% गिरा है, जिसमें सबसे ज्यादा असर एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के शेयरों पर पड़ा है.

indian share market crash 2026: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी का असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर साफ दिखाई दिया. भारत का शेयर बाजार भी इससे अछूता नहीं रहा. पिछले हफ्ते निवेशकों के लिए बाजार काफी मुश्किल भरा रहा. पांच कारोबारी दिनों के दौरान बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिली. BSE Sensex करीब 4,355 अंक यानी लगभग 5.51 प्रतिशत गिर गया. वहीं Nifty 50 भी 1,299.35 अंक यानी करीब 5.31 प्रतिशत नीचे चला गया. इस गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा.
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया. इसका असर एशियाई बाजारों के साथ भारत पर भी पड़ा. पूरे हफ्ते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा. कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण सिर्फ पांच दिनों में करीब 4.48 लाख करोड़ रुपये घट गया. इस गिरावट से निवेशकों की बड़ी पूंजी बाजार से साफ हो गई.
सबसे ज्यादा नुकसान State Bank of India के निवेशकों को हुआ. बैंक का बाजार पूंजीकरण घटकर करीब 9.66 लाख करोड़ रुपये रह गया. सिर्फ पांच दिनों में निवेशकों को लगभग 89,306 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. इसके बाद HDFC Bank के शेयरों में भी बड़ी गिरावट आई. बैंक का बाजार पूंजीकरण घटकर करीब 12.57 लाख करोड़ रुपये रह गया. इससे निवेशकों के लगभग 61,715 करोड़ रुपये कम हो गए.
इसके अलावा कई और बड़ी कंपनियों के शेयर भी गिरावट की चपेट में आ गए. Bajaj Finance का बाजार पूंजीकरण करीब 59,082 करोड़ रुपये घटकर 5.32 लाख करोड़ रह गया. Tata Consultancy Services यानी टीसीएस की बाजार कीमत भी 53,312 करोड़ रुपये कम होकर करीब 8.72 लाख करोड़ रह गई. ICICI Bank को भी लगभग 42,205 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. वहीं Bharti Airtel की बाजार कीमत में करीब 38,688 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई.
देश के सबसे अमीर उद्योगपति Mukesh Ambani की कंपनी Reliance Industries को भी इस गिरावट का असर झेलना पड़ा. कंपनी का बाजार पूंजीकरण घटकर करीब 18.68 लाख करोड़ रुपये रह गया. इससे निवेशकों को लगभग 33,289 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. इसके अलावा Life Insurance Corporation of India, Infosys और Hindustan Unilever के शेयरों में भी गिरावट आई. हालांकि इन सबके बावजूद बाजार पूंजीकरण के हिसाब से रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे बड़ी कंपनी बनी रही. इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक का स्थान रहा.
