west bengal assembly election 2026: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में पहली बार सिर्फ दो चरणों (23 और 29 अप्रैल) में विधानसभा चुनाव कराने का ऐलान किया है, जो विपक्षी दलों की पुरानी मांग थी. 4 मई को सभी राज्यों के नतीजों के साथ स्पष्ट होगा कि बंगाल की सत्ता की चाबी किसके पास जाएगी.

west bengal assembly election 2026: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है. इस बार सबसे बड़ी बात यह है कि राज्य में सिर्फ दो चरणों में मतदान कराया जाएगा. चुनाव आयोग के अनुसार पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. यह पहली बार होगा जब राज्य में सिर्फ दो चरणों में चुनाव होंगे. इससे पहले यहां चुनाव कई चरणों में होते रहे हैं. इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है.
अगर पिछले चुनावों पर नजर डालें तो पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक मतदान कई चरणों में कराया जाता रहा है. साल 2011 तक यहां आमतौर पर कम से कम पांच चरणों में चुनाव होते थे. इसके बाद 2021 के विधानसभा चुनाव में मतदान आठ चरणों में कराया गया था. उस समय चुनाव काफी लंबे समय तक चले थे. पश्चिम बंगाल में विधानसभा की कुल 294 सीटें हैं. राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस साल 2011 से लगातार सत्ता में बनी हुई है.
बताया जा रहा है कि इस बार कम चरणों में चुनाव कराने के पीछे विपक्षी दलों की मांग भी एक बड़ी वजह रही है. 9 मार्च को चुनाव आयोग के साथ हुई बैठक में कई विपक्षी पार्टियों ने कम चरणों में मतदान कराने की अपील की थी. भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने भी सुझाव दिया था कि चुनाव एक चरण या ज्यादा से ज्यादा दो चरणों में कराया जाना चाहिए. पार्टी का कहना था कि छह हफ्तों तक सात या आठ चरणों में चुनाव कराना सही नहीं है.
इसके साथ ही भाजपा ने चुनाव आयोग से राज्य में शांतिपूर्ण और हिंसा रहित चुनाव कराने की मांग भी की थी. पार्टी ने आयोग को 16 बिंदुओं का एक ज्ञापन सौंपा था. इसमें सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई चिंताओं का जिक्र किया गया था. वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने भी चुनाव एक ही चरण में कराने की मांग रखी थी. पार्टी का तर्क था कि अगर मतदान कई चरणों में होता है तो असामाजिक तत्व एक इलाके से दूसरे इलाके में जा सकते हैं. इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है.
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के साथ-साथ असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा. वहीं तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. सभी राज्यों की मतगणना 4 मई को होगी. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आचार संहिता भी लागू कर दी गई है. चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष होने चाहिए. किसी भी तरह के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
