assembly election 2026: 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में 17.4 करोड़ मतदाता भाग लेंगे, जिसके लिए चुनाव आयोग ने 2.18 लाख बूथ और 8.5 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं. बंगाल में सबसे अधिक 6.44 करोड़ मतदाता हैं, और पूरी चुनावी प्रक्रिया के लिए 25 लाख कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है.

assembly election 2026: देश के कई हिस्सों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. चुनाव आयोग ने इन चुनावों से जुड़े कई अहम आंकड़े भी सामने रखे हैं. इस बार चुनाव West Bengal, Assam, Kerala, Tamil Nadu और केंद्र शासित प्रदेश Puducherry में कराए जाएंगे. इन पांचों क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या काफी बड़ी है. चुनाव आयोग के अनुसार इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में कुल मिलाकर करीब 17.4 करोड़ मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे. इतनी बड़ी संख्या में मतदान होने के कारण चुनाव आयोग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं.
अगर पश्चिम बंगाल की बात करें तो यहां मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है. इस राज्य में करीब 6.44 करोड़ लोग वोट डालने के पात्र हैं. वहीं असम में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 2.5 करोड़ बताई गई है. केरल में भी मतदाताओं की संख्या काफी बड़ी है. यहां लगभग 2.70 करोड़ लोग मतदान करेंगे. इनमें करीब 1.31 करोड़ पुरुष मतदाता शामिल हैं. इन आंकड़ों से साफ है कि इन राज्यों में चुनावी प्रक्रिया काफी बड़े स्तर पर होने वाली है.
चुनाव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए बड़ी संख्या में मतदान केंद्र बनाए गए हैं. पांचों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में मिलाकर करीब 2 लाख 18 हजार 870 मतदान केंद्र तैयार किए गए हैं. इनमें से सिर्फ असम में ही करीब 31 हजार मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इन केंद्रों पर मतदाताओं को आसानी से वोट डालने की सुविधा दी जाएगी. चुनाव आयोग का कहना है कि हर मतदान केंद्र पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.
चुनाव को सफल बनाने के लिए बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है. पूरे चुनाव के दौरान करीब 25 लाख चुनाव अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है. इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए करीब 8.5 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. इनका काम मतदान के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना होगा. चुनाव आयोग का कहना है कि सुरक्षा को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हो सके.
मतदान के बाद मतगणना की प्रक्रिया भी बड़े स्तर पर की जाएगी. इसके लिए लगभग 40 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. ये कर्मचारी मतगणना केंद्रों पर तैनात रहेंगे और वोटों की गिनती का काम संभालेंगे. वहीं पुडुचेरी में भी मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है. यहां करीब 5 लाख महिला मतदाता हैं जो चुनाव में अपनी भागीदारी निभाएंगी. कुल मिलाकर देखा जाए तो इन पांच क्षेत्रों में होने वाले विधानसभा चुनाव देश की राजनीति के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं. चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जाए.
