महाराष्ट्र से दृश्यम मूवी जैसा एक मर्डर केस सामने आ रहा है. इस घटना से पूरे इलाकों में दहशत का माहौल है. दरअसल, छत्रपति संभाजीनगर में इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष 40 दिन से लापता थे. आखिरकार पुलिस ने उनका पता लगा लिया है. हालांकि, सच काफी ज्यादा भयावह है. दरअसल, एचओडी की एक मामूली विवाद के कारण कुछ लोगों ने गोली मालकर हत्या कर दी थी. हत्या का पता न लग सके, इसलिए जंगल में गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया गया था.
कई दिनों की थी प्लानिंग
मृतक व्यक्ति की पहचान 60 वर्षीय राजाभाऊ सुबराव लोंढे के रूप में की गई है. वह सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में HOD के पद पर कार्य कर रहे थे. बता दें कि HOD करीब 40 दिनों से लापता थे. परिवार वालों ने पुलिस को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई थी, जिसके बाद क्राइम ब्रांच को इस मामले की जांच करने का जिम्मा सौंपा गया था. पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी विशाल राठौड़ और मृतक के बीच पैसों को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था. इसी कारण से वह अपने बाकी के दोस्तों के साथ में मिलकर उनकी हत्या करने की प्लानिंग कर रहा था. मुख्य आरोपी के संग में और दो लोग भी शामिल है. दरअसल, विशाल के साथ उसका 32 साल का साला आकाश विनोद पवार और 22 साल का दोस्त करण विलास आंडे भी शामिल है. पुलिस ने इन तीनों के गिरफ्तार कर लिया है. HOD को मारने के लिए तीनों कई दिनों से प्लानिंग कर रहे थे.
5 फरवरी 2026 को आरोपी HOD को पार्टी के बहाने बुलाकर दौलताबाद के फार्महाउस लेकर गए. जहां पर आरोपियों ने जमकर शराब पिलाई, जिसके कारण उन्हें होश नहीं आ पाया. फार्म हॉउस से वापस आने के बाद में आरोपियों ने HOD को साजापुर शिवार रेलवे पुल के पास गोली मारकर हत्या कर दी. उसके बाद शव को जंगल में गड्ढे में दफना दिया, ताकि किसी को भी पता न लग पाए.
क्राइम ब्रांच द्वारा की गई जांच में खुलकर सामने आया कि HOD को मारने की प्लानिंग पहले से ही चल रही थी. हत्या से 3 दिन पहले ही आरोपियों ने गेवराई तांडा के जंगल में JCB से दो गहरे गड्ढे खुदवाए थे. खुदाई के दौरान में जेसीबी चालक को ‘गुप्त धन’ की तलाश बोलकर गड्ढा खुदवाया गया था.
शुरुआती जांच में आरोपी विशाल राठौड़ ने पुलिस को बताया कि वह लोंढे को संभाजीनगर के सिग्मा हॉस्पिटल के पास छोड़ कर गया था. हालांकि, क्राइम ब्रांच की जांच में कुछ अलग एंगल सामने आया है. क्राइम ब्रांच द्वारा सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन चेक करने में सच्चाई खुलकर सामने आई, जिसके बाद सभी से पूछताछ में सख्ती की गई और सभी ने जुर्म कबूल कर लिया. रविवार के दिन पर तहसीलदार और अन्य लोगों की मौजूदगी के बीच में पुलिस ने गेवराई तांडा के जंगल से HOD के शव को बाहर निकाला, जिसके बाद उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
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