iran imposes transit fee strait of hormuz: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर आधिकारिक ‘ट्रांजिट फीस’ लगाने का फैसला किया है, हालांकि मलेशिया के साथ मजबूत कूटनीतिक संबंधों के चलते उसे इस शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखा गया है. ईरान का कहना है कि यह समुद्री रास्ता केवल उन देशों के लिए प्रतिबंधित है जो उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई में शामिल हैं, जबकि भारत और चीन जैसे मित्र देशों को पहले की तरह आवाजाही की अनुमति रहेगी.

iran imposes transit fee strait of hormuz: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को लेकर एक नया फैसला लिया है. ईरान ने अब इस रास्ते से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों से आधिकारिक तौर पर ट्रांजिट फीस लेने की योजना बनाई है. यानी जो भी जहाज इस समुद्री रास्ते से गुजरेंगे, उनसे शुल्क लिया जाएगा. हालांकि इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. ईरान ने मलेशिया के जहाजों को बिना किसी फीस के गुजरने की इजाजत दे दी है.
मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में तैनात ईरान के राजदूत वलीओल्लाह मुहम्मदी नसराबादी ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मलेशिया के कई जहाज इस समय फारस की खाड़ी के इलाके में मौजूद हैं और वे अपनी यात्रा पूरी करने के लिए होर्मुज से गुजरना चाहते हैं. इस बारे में मलेशिया के विदेश मंत्री ने भी ईरान को जानकारी दी थी. इसके बाद ईरान ने इन जहाजों को बिना किसी शुल्क के गुजरने की अनुमति देने का फैसला किया.
बताया जा रहा है कि कम से कम सात मलेशियाई जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की तैयारी में हैं. मोहम्मद हसन, जो मलेशिया के विदेश मंत्री हैं, उन्होंने कहा कि ये जहाज अपनी यात्रा पूरी करने के लिए मंजूरी का इंतजार कर रहे थे. ईरान की तरफ से अब उन्हें साफ संकेत दे दिया गया है कि उन्हें रास्ते में कोई परेशानी नहीं होगी. ईरान का कहना है कि मलेशिया एक दोस्त देश है, इसलिए उसके जहाजों को होर्मुज से गुजरने में कोई रोक नहीं होगी.
ईरानी राजदूत ने यह भी साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है. उनका कहना है कि यह रास्ता सभी देशों के लिए बंद नहीं है. केवल उन देशों के जहाजों को रोका जा सकता है जो ईरान के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं. इसके अलावा एंथनी लोक, जो मलेशिया के परिवहन मंत्री हैं, उन्होंने भी पुष्टि की कि मलेशियाई जहाजों से कोई टोल या फीस नहीं ली जाएगी. उन्होंने कहा कि मलेशिया और ईरान के बीच अच्छे कूटनीतिक संबंध हैं, इसलिए यह फैसला लिया गया है.
दरअसल, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से **होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है. लेकिन करीब एक महीने पहले हालात बदल गए. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू होने के बाद ईरान ने इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही सीमित कर दी. इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े कई ठिकानों पर भी हमले किए. होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर भी असर पड़ा है. हालांकि भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान और इराक जैसे कुछ देशों के जहाजों को अब भी यहां से गुजरने की अनुमति दी जा रही है.
