Iran us israel radiation threat: ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर हुए हमले के बाद विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि प्लांट को बार-बार निशाना बनाने से रेडियोधर्मी रिसाव का खतरा पैदा हो सकता है, जो पड़ोसी खाड़ी देशों तक फैल सकता है. 1000 मेगावाट बिजली पैदा करने वाले इस महत्वपूर्ण रूसी-सहयोग प्राप्त प्लांट पर हुए हमले से ईरान में ऊर्जा संकट और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है.

Iran us israel radiation threat: ईरान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में मौजूद Bushehr Nuclear Power Plant को लेकर बड़ा तनाव पैदा हो गया है. बताया जा रहा है कि इस परमाणु संयंत्र पर United States और Israel की ओर से हमला किया गया. यह प्लांट Tehran से करीब 750 किलोमीटर दूर स्थित है. इस हमले में अब तक एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई है. पिछले कुछ दिनों से ईरान के कई अहम ठिकानों और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की घटनाएं बढ़ गई हैं. इसी वजह से क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ता जा रहा है.
इस हमले के बाद ईरान की सरकार काफी नाराज दिखाई दे रही है. ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने सोशल मीडिया के जरिए कड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अब तक बुशहर न्यूक्लियर प्लांट को चार बार निशाना बनाया जा चुका है. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक साधारण हमला नहीं है. इससे पूरे इलाके की सुरक्षा पर बड़ा खतरा खड़ा हो सकता है. ईरान ने साफ कहा है कि अगर ऐसे हमले जारी रहे तो इसके गंभीर नतीजे सामने आ सकते हैं.
ईरान ने यह भी बताया कि बुशहर प्लांट में रूस का यूरेनियम इस्तेमाल होता है और वहां कई रूसी तकनीशियन भी काम करते हैं. यह परमाणु संयंत्र ईरान के लिए काफी महत्वपूर्ण है. यहां से करीब 1000 मेगावाट बिजली पैदा होती है. अगर यह प्लांट नुकसान झेलता है तो ईरान में ऊर्जा संकट गहरा सकता है. बिजली उत्पादन पर असर पड़ सकता है. इससे आम लोगों और उद्योगों को भी परेशानी हो सकती है.
विदेश मंत्री अराघची ने यह भी चेतावनी दी कि अगर प्लांट को बार-बार निशाना बनाया गया तो रेडिएशन का खतरा पैदा हो सकता है. उनका कहना है कि हवा की दिशा ऐसी है कि रेडिएशन Saudi Arabia, United Arab Emirates, Kuwait और Bahrain जैसे खाड़ी देशों तक पहुंच सकता है. यानी इसका असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा. आसपास के कई देशों के शहर भी इससे प्रभावित हो सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के पेट्रोकेमिकल यानी तेल से जुड़े कारखानों पर भी लगातार हमले हो रहे हैं.
ईरान ने इस मुद्दे पर पश्चिमी देशों की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है. अराघची ने कहा कि यूरोप और अमेरिका इस खतरनाक स्थिति पर खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं. उनका मानना है कि अगर परमाणु संयंत्र को नुकसान पहुंचा तो इसका असर बहुत दूर तक फैल सकता है. ईरान का कहना है कि रेडिएशन किसी सीमा को नहीं मानता. हवा के साथ यह कहीं भी पहुंच सकता है. इसलिए यह मामला सिर्फ दो देशों का नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है.
