उत्तर प्रदेश के बरेली में एक व्यापारी दंपति को ठगों ने 10 घंटों तक डिजिटल अरेस्ट रखा. व्यक्ति के 8वीं क्लास के बेटे की समझ से ठगी का शिकार होने से दंपति बच गया.
डिजिटल अरेस्ट का नया मामला
उत्तर प्रदेश के बरेली से डिजिटल अरेस्ट सहारे ठगी का एक नया मामला सामने आया है. यहां ठगों ने दंपति को निशाना बनाने के लिए काफी शातिर दिमाग का इस्तेमाल किया. यहां एक दंपति को आतंकवादी घटनाओं में शामिल होने की बात कहकर डराया और लगभग 10 घंटे तक दोनों को डिजिटल अरेस्ट रखा. आरोपियों को उनके इरादों में कामयाबी मिलने की वाली कि इसी दौरान पर मौजूद 8वीं क्लास के बच्चे ने दंपति को धोखा होने से बचा लिया.
10 घंटों तक रखा डिजिटल अरेस्ट
दरअसल यह पूरा मामला बरेली के प्रेम नगर पुलिस थाना क्षेत्र का है. यहां एक दंपति को साइबर ठगों ने 10 घंटों तक डिजिटल अरेस्ट रखा. मामले में जानकारी देते हुए एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि व्यापारी संजय सक्सेना को एक अज्ञात नंबर से फोन आया था और कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया. व्यक्ति ने कहा कि उनका मोबाइल आतंकी गतिविधि और करोड़ों के घोटाले में इस्तेमाल किया गया है.
वीडियो कॉल पर दिखाया अरेस्ट वारंट
जिसके बाद आरोपी ने दंपति को वीडियो शेयर करके कॉलिग के दौरान अरेस्ट वारंट भी दिखाया. ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर वीडियो कॉल पर रखा. साइबर ठगों ने दंपति को काफी डरा दिया. साइबर ठगों ने दंपति से उनके बैंक खातों की पूरी जानकारी ले ली थी और पैसे निकालने की तैयारी में थे, लेकिन इसी दौरान व्यापारी संजय सक्सेना के 8वीं क्लास के बेटे को ठगी का एहसास हुआ.
बच्चे की समझ से बचे पैसे
तन्मय नाम के बेटे को शक हुआ तो उसके अपने पिता को समझाने की कोशिश की. व्यक्ति काफी डरा हुआ था, जिसके कारण वह बच्चे की बात से सहमत नहीं हुआ. जिसके बाद बच्चे ने देर रात मोबाइल को एयरोप्लेन मोड पर डाल दिया. जिससे ठगों का संपर्क टूट गया और ठग खाते से पैसे नहीं निकाल पाए. सुबह के समय व्यक्ति प्रेन नगर थाने में पहुंचा तो दोबारा से ठगों की कॉल आ गई. जिसके बाद पुलिस ने कॉल उठाकर सख्ती के साथ जवाब दिया. पुलिस इस मामले में जांच कर रही है.
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