टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ रही हैं. अभिषेक के खिलाफ मानहानि मामले में जारी गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हटा दिया है. साथ ही अभिषेक की याचिका को भी खारिज कर दिया है.

अभिषेक बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं. बताया जा रहा है कि अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उनकी खिलाफ मानहानि मामले में जारी गिरफ्तारी वारंट पर लगी हुई अंतरिम रोक को हटा दिया है. हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है. जिसके बाद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं.
गुंडा शब्द का किया था इस्तेमाल
जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला नवंबर साल 2020 में कोलकाता में आयोजित एक राजनीतिक रैली से जुड़ा हुआ है. उस दौरान अभिषेक ने बीजेपी नेता आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ गुंडा शब्द का इस्तेमाल किया था. जिसको लेकर पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने भोपाल की अदालत में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था.
हाईकोर्ट का किया था रुख
इस मामले में MP-MLA कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था, जिसके बाद अभिषेक ने हाईकोर्ट का रुख किया था. हाईकोर्ट में अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि वह संसद सदस्य हैं और उनके फरार होने की संभावना नहीं है. जिसके बाद इस मामले में 12 नवंबर को पिछले साल गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी गई थी.
अमुपस्थिति में लिया गया फैसला
अब इसी मामले में बुधवार यानी कल सुनवाई हुई है और याचिकाकर्ता की तरफ से कोई भी पेश नहीं हुआ. जिसके बाद इस मामले में अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट पर लगी हुई रोक को हटा दिया है, साथ ही कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की याचिका को भी खारिज कर दिया है. इस दौरान आदेश दिया गया कि इस आदेश की एक कॉपी को भोपाल कोर्ट भी भेजा जाए.
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