गुजरात के अहमदाबाद में बैंक ऑफ बड़ौदा के आरबीआई करेंसी चेस्ट से 8.70 करोड़ रुपये की हेराफेरी हुई है. इस मामले में पुलिस ने जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

आरबीआई करेंसी चेस्ट से चोरी
गुजरात के अहमदाबाद से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. अहमदाबाद के कालूपुर इलाके में मौजूद बैंक ऑफ बड़ौदा के आरबीआई करेंसी चेस्ट से 8.70 करोड़ रुपये की हेराफेरी हुई है. जिसके बाद पुलिस ने हेराफेरी करने वाले जॉइंट कस्टोडियन हरसिद्ध कडियार को गिरफ्तार कर लिया है. जांच के मुताबिक आरोपी ने चोरी के पैसे से अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके में बंगला और दुकान खरीदी थी.
बंगला और दुकान को खरीदा
बताया जा रहा है कि आरोपी ने 2 करोड़ रुपए से ज्यादा का बंगला और 1.40 करोड़ रुपए से ज्यादा की दुकान खरीदी थी. आपको बता दें कि गिरफ्तारी के समय पुलिस ने आरोपी से लगभग 2.20 करोड़ रुपए नकद भी बरामद किए हैं. दरअसल इस मामले को लेकर कालूपुर ब्रांच के मुख्य प्रबंधक ने पुलिस ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी.
174 बंडल किए चोरी
मामले की शिकायत में कहा गया था कि बैंक में आरबीआई का करेंसी चेस्ट संचालित होता है, जहां से जरूरत के मुताबिक दूसरी बैंकों को नकदी भेज दी जाती है. उस दौरान संजय शर्मा मुख्य कस्टोडियन और हरसिद्ध कडियार संयुक्त कस्टोडियन के रूप में कार्यरत थे. जब ऑडिट और नए कस्टोडियनों ने जांच की तो इस दौरान 500 रुपए के नोटों की 174 गड्डी कम बरामद हुई थीं, जिनकी कुल कीमत लगभग 8.70 करोड़ रुपए थी.
सीसीटीवी में दिखाई दिया आरोपी
पैसे कम होने पर बैंक अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो इस दौरान हरसिद्ध कडियार 13 जनवरी को कुछ बक्से बाहर ले जाते हुए दिखाई दिया. उसने कर्मचारियों से कहा था कि बस्कों में कचरा है और उसे बाहर फेंकने के लिए जा रहा है. पुलिस के मुताबिक आरोपी ने जनवरी में चोरी की और उसे भरोसा था कि 90 दिन बाद सीसीटीवी फुटेज डिलीट हो जाएगी, जिसके कारण वह 3 महीने तक नौकरी करता रहा.
बीमारी का बहाना लेकर हुआ गायब
आरोपी ने 13 जनवरी को बीमारी का हवाला देकर 5 दिन की छुट्टी ली और 20 अप्रैल से वह लापता हो गया. शिकायत दर्ज होने के बाद में आरोपी परिवार के साथ मनाली भी घूमने गया था. जब शिकायक दर्ज होने की जानकारी मिली तो वह वहीं से गायब हो गया. पुलिस ने जांच के दौरान उसकी कार से 2.20 करोड़ रुपए भी बरामद किए हैं. इसी के साथ 22 लाख रुपए, एक अर्टिका कार और मोबाइल फोन भी जब्त किया है. आरोपी ने चोरी के पैसों से बंगला, दुकान और एक छोटा हाथी वाहन खरीदा था. बताया जा रहा है कि आरोपी हरसिद्ध कडियार पिछले 15 सालों से बैंक में नौकरी कर रहा था.
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