bharat mandapam protest: उदयभानु चिब को भारत मंडपम में हुए प्रदर्शन मामले में अदालत ने जमानत दी है, लेकिन फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं. रविवार को पटियाला हाउस कोर्ट में जमानती दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उनकी रिहाई संभव है.

bharat mandapam protest: दिल्ली में स्थित भारत मंडपम परिसर में हुए समिट के दौरान हुए प्रदर्शन का मामला अब अदालत तक पहुंच गया है. इसी केस में उदयभानु चिब को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. वह इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष हैं. हालांकि राहत की बात यह है कि रविवार को उनकी रिहाई की संभावना बन गई है. अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर दी है. लेकिन अभी उन्हें जेल से बाहर नहीं छोड़ा गया है. वजह यह है कि जमानत से जुड़े कागजात और जमानत देने वाले लोगों का सत्यापन बाकी है. जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक रिहाई का आदेश लागू नहीं होगा.
इस पूरे मामले में सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट में हुई. अदालत ने साफ कहा है कि पहले जमानती दस्तावेजों और जमानतियों की पूरी जांच की जाएगी. इसके बाद ही रिहाई पर अंतिम आदेश दिया जाएगा. जानकारी के मुताबिक रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने दोबारा पेशी होगी. उसी समय यह तय होगा कि सभी कागजात सही हैं या नहीं. अगर कागजी प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो उदयभानु चिब और अन्य प्रदर्शनकारियों को भी रिहा कर दिया जाएगा. अदालत में अगली सुनवाई सुबह करीब 11 बजे होने की संभावना है.
पुलिस की ओर से बताया गया है कि इस मामले में कुल 13 आरोपी अभी पुलिस कस्टडी में हैं. सभी से पूछताछ की जा रही है. पुलिस ने अदालत से कहा कि वेरिफिकेशन की प्रक्रिया रविवार से पहले पूरी कर पाना संभव नहीं है. इसलिए उन्हें और समय चाहिए. इसी वजह से उदयभानु चिब की अंतरिम रिहाई की मांग को अदालत ने फिलहाल खारिज कर दिया है. पुलिस का कहना है कि जांच प्रभावित न हो, इसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी है. यह भी बताया गया कि आधी रात के बाद चली सुनवाई में चिब को जमानत तो मिल गई थी, लेकिन रिहाई तुरंत संभव नहीं हो पाई.
इस केस में दिल्ली पुलिस लगातार दस्तावेजों की जांच कर रही है. वहीं आईवाईसी की कानूनी टीम का कहना है कि केवल उदयभानु चिब ही नहीं, बल्कि गिरफ्तार किए गए दूसरे प्रदर्शनकारियों के लिए भी जमानत याचिकाएं दाखिल की जाएंगी. कानूनी टीम के सूत्रों के अनुसार सभी आरोपियों को रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा. इसके बाद अदालत तय करेगी कि बाकी आरोपियों को भी जमानत दी जा सकती है या नहीं.
अदालत ने अपने आदेश में यह भी साफ किया है कि उदयभानु चिब को पुलिस हिरासत में आगे रखने के लिए कोई ठोस वजह पेश नहीं की गई है. इसी आधार पर उन्हें जमानत देने का फैसला लिया गया. फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे. जैसे ही जमानत से जुड़े कागजात और जमानती सही पाए जाएंगे, उनकी रिहाई हो जाएगी. पूरा मामला नई दिल्ली में हुए प्रदर्शन से जुड़ा है. अब सबकी नजरें रविवार की सुनवाई और दस्तावेजों की जांच पर टिकी हैं.
