एम्स में हर रोज लाखों की संख्या में लोगों की भीड़ देखने को मिलती है. कई लोग तो OPD की सेवाओं और पर्ची जल्दी कटवाने के लिए वहीं गेट के बाहर रात में सो जाते हैं. एम्स भारत के सबसे अच्छे अस्पताल में से एक है. यहां पर हर बीमारी का इलाज किया जाता है. इसी कारण से लोग यहां दूर-दूर से इलाज अपना करवाने आते हैं. इसी कारण से एम्स ने सीआरपीएफ की मदद से आश्रय सुविधा का इंतजाम किया है.
रात में नहीं सोना पड़ेगा गेट के बाहर
जो लोग एम्स के गेट पर रातक में सुबह टिकट जल्दी कराने के कारण रूकते हैं. उन्हें शटल बसों से आश्रय केंद्रों पर लेकर जाया जाता है. इसके बाद यहां मरीज को क्रम अनुसार टोकन नंबर दिए जाते हैं. यह इसलिए किया जाता है, ताकि अगले दिन जब OTP का पंजीकरण हो. तो उसी गिनती का पालन किया जाए. इस केंद्र में सभी प्रकार की सुविधा दी जाती है. मरीज के साथ-साथ उनके साथ देखभाल के लिए आए लोगों को भी रात में सोने के लिए साफ जगह, अच्छा खाना, ठंड से बचने के लिए कंबल और शौचालय जैसी सुविधाएं दी जाती है. जैसे ही सुबह होती है. मरीजों को उसी क्रम में उनके संबंधित OPD में लेकर जाया जाता है. इससे वह बिना किसी भी तनाव के और समय पर अपना पंजीकरण करवा पाते हैं.
भविष्य में और सुविधाओं के खुलने की आशंका
AIIMS प्रशासन ने इशारा किया है कि भविष्य में इस व्यवस्था को बढ़ाया जाएगा, जिससे और भी लोग इस सुविधा का लाभ उठा सके. हालांकि, अभी के समय में सैकड़ों लोग इस सुविधा का आनंद उठा पा रहे हैं. एम्स प्रशासन ने पाया है कि इस सुविधा के कारण मरीजों को होने वाली असुविधाओं में काफी कमी देखी गई है. इसके अलावा OPD में पर्चा लगाने वाली लाइन में भीड़ में कमी देखी गई है.
दूर से आने वाले परिवारों को मिली राहत
एम्स का मरीजों और उनके साथ आए लोगों के लिए चलाया जाने वाला आश्रय सेवा यह दर्शाता है कि किस प्रकार यह पहल उन लोगों के लिए अच्छी है , जो दूर से अपने परिवार के किसी सदस्य का इलाज कराने के लिए आते है. एम्स और CFRP की मदद से चलाया गया आश्रय मरीजों की गरिमा को बनाए रखता है. इसके अलावा अगर उन्हें अपने घर के किसी व्यक्ति का इलाज करवाना होगा तो वह बिना किसी झिझक के इलाज करवा सकते हैं. इतनी ठंड में लोगों की यह सुविधा और ज्यादा राहत दिलवाने वाला है.
