Ankita Bhandari Murder Case: सीबीआई अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में VIP के नाम की जांच करेगी. अभी हाल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी.
Ankita Bhandari: अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले की जांच अब सीबीआई करेगी. सीबीआई ने FIR दर्ज कर ली है. सीबीआई दिल्ली से देहरादून पहुंच गई है. सीबीआई मामले की दोबारा से पूरी जांच करेगी और राज्य पुलिस से सभी दस्तावेज और सबूत अपने कब्जे में लेगी. राज्यभर के विरोध प्रदर्शनों के बाद सीएम पुष्कर धामी ने CBI जांच की सिफारिश की थी. हाल में एक वीडियो सामने आने से मामला फिर चर्चा में आया. अंकिता की मां ने निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की मांग दोहराई है.आंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में 8 फरवरी को देहरादून में महापंचायत होगी. .
सीबीआई ने शुरू की जांच, FIR दर्ज
अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच अब सीबीआई कर रही है. अंकिता हत्याकांड का जांच कर रही सीबीआई ने सोमवार को पहली एफआईआर दर्ज कर ली है. इसके लिए सीबीआई की टीम देहरादून पहुंची. दिल्ली स्थित CBI थाना SC-2 में केस दर्ज किया गया है. CBI मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है. हत्या से जुड़े कथित वीआईपी नामों की भी सीबीआई जांच करेगी. हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने CBI जांच की सिफारिश की थी. बताया जा रहा है कि सीबीआई की जांच में अब डिजिटल साक्ष्य, बैंकिंग/संपर्क विवरण, वायरल आडियो-वीडियो, गवाह बयान और अन्य दस्तावेज़ी सबूतों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी.
जानें हत्याकांड कब हुआ?
18 सिंतबर, 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था. अंकिता का शव इस घटना के एक सप्ताह बाद बरामद हुआ था. 19 वर्षीय अंकिता की रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों-सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर हत्या कर दी थी. इस मामले में तीनों आरोपियों को सत्र न्यायालय उम्रकैद की सजा सुना चुका है.
एसआईटी की जांच के बाद वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक व दो अन्य कर्मियों के खिलाफ करीब 500 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई. वहीं, घटना के दिन अंकिता भंडारी ने अपने दोस्त पुष्पदीप को रिजॉर्ट में वीआईपी के आने की जानकारी दी थी. उसने उसको बताया था कि पुलकित आर्य उस पर एक बड़े वीआईपी को अतिरिक्त सेवा देने के लिए दबाव डाल रहा है. लेकिन वीआईपी कौन था यह राज आज भी बरकरार है.
